नई दिल्ली। Supreme Court farmers protest सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन पर मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए तीनों कृषि कानूनों के लागू करने पर रोक लगाने के साथ ही किसान आंदोलन का समाधान निकालने के लिए 4 सदस्यों की कमेटी बनाई है। यह चारों सदस्य सुप्रीम कोर्ट की तरफ से चुने गए हैं। इसमें न तो केंद्र सरकार और न ही किसानों का प्रतिनिधि शामिल है।

यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही सौंपेगी। जब तक यह कमेटी अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को नहीं सौंपेगी, तब तक कृषि कानून के अमल पर रोक जारी रहेगी।

जानिए कौन हैं 4 सदस्य

भूपेंद्र सिंह मान (भारतीय किसान यूनियन)

भूपेंद्र सिंह मान भारतीय किसान यूनियन के नेता हैं। उनका जन्म 15 सितंबर 1939 को गुजरांवाला (अब पाकिस्तान) में हुआ था। किसानों के संघर्ष में योगदान के लिए मान को 1990 में राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा में नामांकित किया गया था। उन्होंने 1990-1996 तक सेवा की।

See also  बेतरतीब और तेज रफ़्तार वाहन चलाने में नहीं है शान, अपनी करतूतों से क्यों ले रहे हो किसी की जान

अशोक गुलाटी (कृषि अर्थशास्त्री)

अशोक गुलाटी भारतीय कृषि अर्थशास्त्री और कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) के पूर्व अध्यक्ष हैं। CACP खाद्य आपूर्ति और मूल्य निर्धारण नीतियों पर भारत सरकार का सलाहकार निकाय हैं। अशोक गुलाटी कई खाद्यान्नों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। वे NDA सरकार द्वारा परिचालन और वित्तीय दक्षता में सुधार करने के लिए भारतीय खाद्य निगम (Food Corporation of India) के पुनर्गठन और पुनरुद्धार के लिए गठित उच्च-स्तरीय समिति के एक सक्रिय सदस्य भी रह चुके हैं।

वर्तमान समय में वे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंधों पर भारतीय अनुसंधान परिषद (ICRIER) में कृषि के लिए इन्फोसिस के अध्यक्ष हैं। वे नीति आयोग के तहत प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित कृषि कार्य पर टास्क फोर्स के सदस्य और कृषि बाजार सुधार पर विशेषज्ञ समूह (2015) के अध्यक्ष भी हैं।

डॉक्टर प्रमोद जोशी (अंतर्राष्ट्रीय नीति प्रमुख)

डॉ. प्रमोद जोशी दक्षिण एशिया अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (International Food Policy Research Institute) के निदेशक हैं। वे राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रबंधन अकादमी हैदराबाद के निदेशक का पदभार भी संभाल चुके हैं। उनके अनुसंधान के क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी नीति, बाजार और संस्थागत अर्थशास्त्र शामिल हैं।

See also  IND vs BAN 3rd T-20: खिताब जीतने मैदान में उतरेंगी दोनों टीम, कौन मरेगा बाजी?

वे नेशनल एकेडमी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज और इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रीकल्चर इकोनॉमिक्स के फेलो हैं। डॉक्टर जोशी ढाका, बांग्लादेश में सार्क कृषि केंद्र के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं।

अनिल घनवट (शेतकरी संगठन)

अनिल घनवट शेतकारी संगठन के अध्यक्ष हैं। इस संगठन का महाराष्ट्र के किसानों पर काफी बड़ा असर है और इससे लाखों किसान जुड़े हुए हैं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…