India Smartphone Sales: भारत में स्मार्टफोन बाजार की बिक्री में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। साल 2026 की तीसरी तिमाही में स्मार्टफोन की बिक्री सालाना आधार पर 26% घटकर 3.58 करोड़ यूनिट रह गई। मार्केट रिसर्च कंपनी ओम्डिया की सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया गया है।
यह 2016 के बाद किसी तीसरी तिमाही में स्मार्टफोन की सबसे कम बिक्री है। खास बात यह है कि यह गिरावट त्योहारी सीजन के दौरान दर्ज की गई।
सैमसंग फिर बनी नंबर-1, Apple की बिक्री भी घटी
ओम्डिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बिक्री में गिरावट के बावजूद सैमसंग ने भारत के स्मार्टफोन बाजार में पहला स्थान हासिल किया। कंपनी ने 2026 की तीसरी तिमाही में 67 लाख स्मार्टफोन बेचे। सालाना आधार पर उसकी बिक्री में करीब 1% की मामूली गिरावट आई। इसके बावजूद सैमसंग की बाजार हिस्सेदारी 19% रही। वीवो 64 लाख स्मार्टफोन की बिक्री के साथ दूसरे स्थान पर रही। वहीं, एप्पल की बिक्री सालाना आधार पर 20% घटी, लेकिन कंपनी 39 लाख स्मार्टफोन की बिक्री के साथ टॉप-5 में शामिल रही।
शाओमी और ओप्पो की बिक्री में भी गिरावट
तीसरी तिमाही में प्रमुख चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की बिक्री भी प्रभावित हुई। रिपोर्ट के अनुसार, शाओमी की बिक्री सालाना आधार पर 28% घटकर 47 लाख यूनिट रह गई। वहीं, ओप्पो की बिक्री में 24% की गिरावट दर्ज की गई और कंपनी ने 49 लाख स्मार्टफोन बेचे। इन आंकड़ों से पता चलता है कि बिक्री में कमजोरी का असर कई बड़ी स्मार्टफोन कंपनियों पर पड़ा। हालांकि, सैमसंग की बिक्री में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही और कंपनी पहले स्थान पर बनी रही।
आखिर क्यों धीमी पड़ी स्मार्टफोन की बिक्री?
ओम्डिया के प्रमुख विश्लेषक संयम चौरसिया के मुताबिक, सितंबर का महीना आमतौर पर ऑनलाइन बिक्री के बड़े आयोजनों से पहले स्टॉक जुटाने के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। लेकिन इस बार बिक्री की रफ्तार कमजोर रही। रिपोर्ट में इसके पीछे कई कारण बताए गए हैं। ऑनलाइन बिक्री के लिए पेश किए जाने वाले नए मॉडल कम थे। किफायती स्मार्टफोन की उपलब्धता भी सीमित रही। इसके अलावा, अलग-अलग प्रचार योजनाओं के बीच अंतर कम होने से ऑनलाइन बिक्री को मिलने वाला पारंपरिक त्योहारी फायदा घट गया। कुल मिलाकर, 2026 की तीसरी तिमाही में भारत के स्मार्टफोन बाजार की बिक्री में आई गिरावट ने कंपनियों के सामने चुनौती खड़ी की है। ओम्डिया के अनुमान के मुताबिक, इस दौरान कुल बिक्री 3.58 करोड़ यूनिट रही, जो 2016 के बाद किसी तीसरी तिमाही का सबसे निचला स्तर है।



