US Dollar notes and Indian Rupee banknotes represented together in financial market setting.
The Indian rupee strengthened against the dollar, driven by the Reserve Bank's FCNR(B) scheme and foreign capital inflows.

Rupee vs US Dollar: अंतरबैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार और ग्लोबल फॉरेक्स मार्केट में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 47 पैसे की जोरदार तेजी के साथ 94.26 के स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की FCNR (B) योजना के तहत देश में उम्मीद से अधिक डॉलर का प्रवाह होने से रुपये को यह मजबूती मिली है।

इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में नरमी, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की नई पूंजी की खरीदारी ने भारतीय मुद्रा को सहारा दिया है।

शुरुआती कारोबार में 94.26 तक पहुंचा रुपया

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.30 पर खुला। इसके बाद बढ़त दर्ज करते हुए यह 94.26 के स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद स्तर के मुकाबले 47 पैसे की तेजी दर्शाता है। इससे पहले बुधवार को भी रुपये में मजबूती देखी गई थी और यह 22 पैसे की बढ़त के साथ 94.73 पर बंद हुआ था। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, रुपये में आया यह उछाल मजबूत प्रवाह और आरबीआई के हस्तक्षेप को दर्शाता है।

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FCNR (B) योजना से आया रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर

रुपये में आई इस तेजी का मुख्य आधार रिजर्व बैंक की विशेष विदेशी मुद्रा जमा योजना है। देश की विदेशी मुद्रा तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू किए गए FCNR (B) कार्यक्रम के तहत 31 अगस्त तक रिकॉर्ड 127.226 अरब (127.23) अमेरिकी डॉलर जुटाए गए। यदि इसमें विदेशी मुद्रा उधार (OFCB) और बाह्य वाणिज्यिक उधार (ECB) को भी शामिल कर लिया जाए, तो इस उपाय के तहत कुल प्रवाह 136.377 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

बैंकिंग प्रणाली में बढ़ेगा 10 लाख करोड़ रुपये का सरप्लस

शोध संस्थान IFA ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, इस भारी विदेशी पूंजी प्रवाह से आरबीआई को रुपये की रक्षा करने में अधिक मदद मिलेगी। हालांकि, जब बैंक इन जमाओं की आरबीआई के साथ अदला-बदली (स्वैप) करेंगे, तो बैंकिंग प्रणाली में तरलता अधिशेष (लिक्विडिटी सरप्लस) बढ़कर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इससे केंद्रीय बैंक के सामने तरलता प्रबंधन की नई चुनौती भी खड़ी होगी।

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डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल के भाव में नरमी

वैश्विक मोर्चे पर छः प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.16 प्रतिशत घटकर 99.43 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल प्रवाह प्रभावित होने की आशंकाओं के बावजूद वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.16 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 95.48 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर बना रहा।

शेयर बाजार में तेजी, FII ने की 6,688 करोड़ की खरीदारी

घरेलू शेयर बाजार में भी शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी का रुख रहा। बीएसई का सेंसेक्स 221.17 अंक चढ़कर 76,791.52 पर और एनएसई का निफ्टी 59.55 अंक बढ़कर 23,974 के स्तर पर पहुंच गया। एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बुधवार को शुद्ध आधार पर 6,688.37 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे, जिससे भारतीय बाजार और मुद्रा दोनों को मजबूती मिली।

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5 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)

Q1: गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया किस स्तर पर पहुंच गया?

उत्तर: शुरुआती कारोबार में रुपया 47 पैसे की तेजी के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.26 के स्तर पर पहुंच गया।

Q2: रुपये की मजबूती का मुख्य कारण क्या है?

उत्तर: इसका मुख्य कारण RBI की FCNR (B) योजना के तहत 127.226 अरब डॉलर का रिकॉर्ड विदेशी पूंजी प्रवाह होना है।

Q3: FCNR (B), OFCB और ECB को मिलाकर कुल कितना विदेशी पूंजी प्रवाह हुआ है?

उत्तर: इन सभी उपायों के तहत कुल विदेशी मुद्रा प्रवाह 136.377 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।

Q4: शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कितनी खरीदारी की?

उत्तर: एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने बुधवार को शुद्ध आधार पर 6,688.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Q5: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का ताजा भाव क्या रहा?

उत्तर: ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.48 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।