मुंबई। यूको बैंक ने रविवार को बिड़ला सूर्या लिमिटेड के निदेशक यशोवर्धन बिड़ला को विलफुल डिफॉल्टर (सुविचारित चूककर्ता) घोषित किया। कंपनी के 67.65 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाने से विफल होने पर उनको डिफाल्टर घोषित किया गया है। यशोवर्धन बिरला यश बिड़ला समूह के चेयरमैन भी हैं।

यूको बैंक द्वारा जारी सार्वजनिक सूचना में यशोवर्धन बिड़ला की तस्वीर भी प्रकाशित की गई है। बैंक ने कहा कि खाते को तीन जून 2019 को गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित किया गया। नोटिस में बैंक ने कहा, “बिड़ला सूर्या लिमिटेड को मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित मफतलाल सेंटर में हमारी प्रमुख कॉरपोरेट शाखा से मल्टी क्रिस्टेलाइन सोलर फोटोवोल्टेक सेल्स बनाने के लिए सिर्फ फंड आधारित सुविधाओं के साथ 100 करोड़ रुपये की साख सीमा की मंजूरी दी गई थी।

एनपीए में मौजूदा 67.65 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज और बिना चुकता किया गया ब्याज शामिल है।”बैंक ने कहा कि कोलकाता स्थित बैंक द्वारा ऋणकर्ता को कई नोटिस दिए जाने के बावजूद उसने बकाया नहीं चुकाया।  रोचक तथ्य यह है कि 1943 में बैंक की स्थापना उद्योगति जी.डी. बिड़ला के तत्वाधान में किया गया था। जीडी बिड़ला यशोवर्धन बिड़ला के परदादा रामेश्वर दास बिड़ला के भाई थे।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।