उज्जैन। फूड डिलीवरी कंपनी Zomato ने एड पर बढ़ते विवाद को थमता न देख रविवार को ऋतिक रोशन-स्टारर विज्ञापन पर एक स्पष्टीकरण जारी किया। इसमें ऋतिक रोशन को ‘महाकाल’ से खाना ऑर्डर करते देखा गया था, जब उन्हें ऐसा लगा कि ‘थाली‘, या भोजन की थाली। Zomato ने एक बयान में कहा कि विज्ञापन “महाकाल रेस्तरां’ में ‘थालिस’ को संदर्भित करता है, न कि श्रद्धेय श्री महाकालेश्वर मंदिर।”

गुड़गांव स्थित कंपनी ने कहा कि ‘महाकाल’ थाली विज्ञापन उसके अखिल भारतीय अभियान का हिस्सा था जिसमें प्रत्येक शहर के शीर्ष स्थानीय रेस्तरां और लोकप्रियता के आधार पर उनके शीर्ष व्यंजनों की पहचान की गई थी।

महाकाल रेस्तरां उज्जैन में हमारे उच्च-आदेश-वॉल्यूम रेस्तरां भागीदारों में से एक है और थाली इसके मेनू पर एक अनुशंसित वस्तु है, यह जोड़ा।

“हम उज्जैन के लोगों की भावनाओं का गहरा सम्मान करते हैं, और विचाराधीन विज्ञापन अब नहीं चल रहा है। हम ईमानदारी से माफी मांगते हैं, क्योंकि यहां इरादा कभी किसी की आस्था और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था।”

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आपको बता दें कि हिंदी सिनेमा में हर तरह के अभिनय कर देश के करोड़ों दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना चुके अभिनेता ऋतिक रोशन भ्रामक विज्ञापन देकर सुर्ख़ियों में आ गए है और उन पर करोड़ों हिन्दूओं के आस्था के केंद्र भगवान महाकाल मंदिर के अपमान का आरोप लग रहे हैं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन के प्रसिद्ध महाकाल मंदिर के दो पुजारियों ने ऑनलाइन खाद्य वितरण कंपनी जोमैटो’ के बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन के विज्ञापन को वापस लेने की मांग की थी साथ ही यह भी कहा कि यह हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। विज्ञापन में रोशन कहते हैं कि उन्हें उज्जैन में एक ‘थाली’ (खाने की थाली) होने का पता चला इसलिए उन्होंने ‘‘महाकाल” से ऑर्डर किया।

उज्जैन में भगवान शिव का महाकालेश्वर (महाकाल) मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और यहां देश भर से भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर के पुजारी महेश और आशीष ने कहा कि जोमैटो को तुरंत यह विज्ञापन वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि यहां भक्तों को एक थाली में ‘प्रसाद’ परोसा जाता है और यह विज्ञापन हिंदुओं की भावनाओं को आहत करता है।

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पुजारियों ने कहा कि उन्होंने उज्जैन के जिलाधिकारी आशीष सिंह से भी संपर्क किया और कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है ताकि कोई भी फिर से हिंदू धर्म का मजाक न उड़ाए। जिलाधिकारी, महाकाल मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। पत्रकारों से बात करते हुए सिंह ने विज्ञापन को भ्रामक करार देते हुए कहा कि मंदिर ‘प्रसाद’ के रूप में मुफ्त भोजन थाली प्रदान करता है और इसे बेचा नहीं जाता है। 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।