रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित संचालित स्कूलों में, वर्ष 2001 से 2004 के दौरान में इंदिरा सूचना शक्ति योजना के अंतर्गत कम्प्यूटर प्रशिक्षण का कार्य आईसेक्ट फर्म के द्वारा कराया गया था। लोक लेखा समिति द्वारा अपने 36वें प्रतिवेदन में इस योजना के दोषपूर्ण क्रियान्वयन के लिए रू. 1.82 करोड़ का अनियमित भुगतान का खुलासा किया गया है।

अनुबंध की शर्त का पालन न करने के लिए फर्म को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। परंतु आईसेक्ट द्वारा लोक लेखा समिति के सर्वे को ही अविश्वसनीय माना गया है। अतः फर्म द्वारा किये गये कार्य में अनियमितता बरते जाने के कारण राशि रू. 1.82 करोड़ का अनियमित भुगतान होने के कारण लोक लेखा समिति द्वारा उक्त फर्म को काली सूची में दर्ज किये जाने की अनुशंसा की गयी है।

राज्य शासन ने योजना के दोषपूर्ण क्रियान्वयन हेतु ऑल इंडिया सोसायटी फॉर इलेक्ट्रानिक्स एण्ड कम्प्यूटर टेक्नोलॉजी (आईसेक्ट ) को काली सूची में दर्ज किये जाने का निर्णय लिया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।