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Chhattisgarh professor recruitment: छत्तीसगढ़ में प्रोफेसर भर्ती के नियम अचानक बदले, अब 100% नहीं सिर्फ 25% सीधी भर्ती, जानिए नया गणित

Chhattisgarh professor recruitment: छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसरों की भर्ती से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है। नए फैसले के तहत अब प्रोफेसर के स्वीकृत पदों पर 100 प्रतिशत सीधी भर्ती की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सेवा भर्ती नियम-2019 में […]

Chhattisgarh Govt College Professor Recruitment Rules
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh professor recruitment: छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसरों की भर्ती से जुड़े नियमों में बड़ा संशोधन किया है। नए फैसले के तहत अब प्रोफेसर के स्वीकृत पदों पर 100 प्रतिशत सीधी भर्ती की पुरानी व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शैक्षणिक सेवा भर्ती नियम-2019 में किए गए इस बदलाव के बाद अब 75 प्रतिशत पद विभागीय पदोन्नति (प्रमोशन) से भरे जाएंगे, जबकि महज 25 प्रतिशत पदों पर ही छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के जरिए सीधी भर्ती होगी।

यह निर्णय प्रदेश के 343 शासकीय महाविद्यालयों में स्वीकृत प्रोफेसर के कुल 781 पदों पर लागू होगा। इससे पहले बाहरी अभ्यर्थियों और निजी क्षेत्र के शिक्षकों के लिए सीधी भर्ती के रास्ते शत-प्रतिशत खुले हुए थे।

781 पदों में से 75% पदों पर अब केवल पदोन्नति

नए संशोधित नियमों के लागू होने से सरकारी कॉलेजों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों और सह-प्राध्यापकों के लिए विभागीय पदोन्नति समिति के माध्यम से प्रमोशन के रास्ते साफ हो गए हैं। स्वीकृत 781 पदों में से 75 प्रतिशत पद इसी प्रक्रिया के तहत भरे जाएंगे। दूसरी ओर, बचे हुए 25 प्रतिशत पदों पर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा विज्ञापन जारी कर लिखित परीक्षा या साक्षात्कार के आधार पर सीधी भर्ती की जाएगी। इस बदलाव से शासकीय सेवा में सीधे प्रोफेसर बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अवसर काफी सीमित हो गए हैं।

सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा तय, 61 वर्ष से अधिक छूट नहीं

संशोधन के अनुसार, सीजीपीएससी के माध्यम से होने वाली 25 प्रतिशत सीधी भर्ती के लिए अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 31 वर्ष और अधिकतम आयु 56 वर्ष निर्धारित की गई है। शासकीय नियमानुसार विभिन्न वर्गों को मिलने वाली आयु में छूट के बाद भी अभ्यर्थियों की अधिकतम उम्र 61 वर्ष से अधिक नहीं हो सकेगी। हालांकि, यह पद प्रथम श्रेणी (Class-1) का है, इसलिए इसके लिए प्रशासनिक और शैक्षणिक जिम्मेदारियां भी उच्च स्तर की रखी गई हैं।

निजी कॉलेजों के शिक्षकों और पीएचडी धारकों पर असर

इस नीतिगत फैसले का सबसे ज्यादा असर निजी महाविद्यालयों और गैर-सरकारी विश्वविद्यालयों में कार्यरत उन पीएचडी धारक प्राध्यापकों पर पड़ेगा, जो लंबे समय से सीधी भर्ती की तैयारी कर रहे थे। पूर्व में 100 प्रतिशत पदों पर पारदर्शी प्रतियोगिता के जरिए सीधी भर्ती का विकल्प उपलब्ध था। अब सीधी भर्ती का कोटा केवल एक-चौथाई रह जाने के कारण प्रतिस्पर्धा अत्यधिक कठिन हो जाएगी, जिससे निजी क्षेत्र से सीधे सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर बनने का मुख्य रास्ता लगभग बंद होने की कगार पर पहुंच गया है।

वर्ष 2021 की 595 पदों की भर्ती अब तक अधर में

इस संशोधन के बीच वर्ष 2021 में सीजीपीएससी द्वारा निकाली गई 595 पदों की प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया आज तक पूरी नहीं हो सकी है। राज्य गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में सीधी भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था और पिछले वर्ष दस्तावेजों का सत्यापन भी पूरा कर लिया गया था, लेकिन पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की अंतिम सूची का प्रकाशन और साक्षात्कार का चरण अब भी अटका हुआ है। यह पुरानी भर्ती 100 प्रतिशत सीधी भर्ती के नियमों के तहत निकाली गई थी। अब नए संशोधनों के तहत सीधी भर्ती के पद घटने से आने वाले वर्षों में प्रोफेसर के नए पदों पर नई भर्ती का विज्ञापन जारी होना बेहद मुश्किल माना जा रहा है।

(FAQs)

1. छत्तीसगढ़ में प्रोफेसर भर्ती नियमों में क्या मुख्य बदलाव किया गया है?

नियमों में संशोधन के बाद अब प्रोफेसर के 75% पदों को विभागीय पदोन्नति (प्रमोशन) से भरा जाएगा और केवल 25% पदों पर ही सीजीपीएससी के जरिए सीधी भर्ती होगी।

2. नए नियमों से सीधी भर्ती के लिए आयु सीमा क्या तय की गई है?

सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम आयु सीमा 31 वर्ष और अधिकतम 56 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्गों को मिलने वाली छूट के बाद भी अधिकतम आयु 61 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।

3. राज्य के शासकीय महाविद्यालयों में प्रोफेसर के कितने पद स्वीकृत हैं?

प्रदेश के 343 शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग के अधीन प्रोफेसर के कुल 781 पद स्वीकृत हैं।

4. इस नीतिगत बदलाव का सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा?

इसका सबसे ज्यादा असर निजी कॉलेजों और गैर-सरकारी विश्वविद्यालयों में पढ़ा रहे पीएचडी धारक और अनुभवी शिक्षकों पर पड़ेगा, जिनके लिए सीधे प्रोफेसर बनने का अवसर सीमित हो गया है।

5. वर्ष 2021 की 595 पदों वाली प्रोफेसर भर्ती का वर्तमान स्टेटस क्या है?

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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