Chhattisgarh SIR Voter List Form 6 Campaign: देश के कई राज्यों में हुए विवादास्पद SIR का मामला परवान चढ़ने के बाद अब नए सिरे से छूटे हुए और नए पात्र युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने का अभियान फिर से शुरू किया जायेगा। छत्तीसगढ़ में भी यह अभियान चलाने का आदेश जारी हो चुका है। उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रदेश में एसआईआर के दौरान काटे गए नामों के आंकड़े को लेकर सवाल उठाया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने फॉर्म 6 के तहत छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अभियान शुरू किया है। राज्य में हुए पिछले एसआईआर में छूटे हुए एवं नए पात्र युवा मतदाताओं के पंजीकरण हेतु एक विशेष अभियान चलाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में फिर चलेगा Form 6 अभियान
राष्ट्रीय स्तर पर उभरे विवादों के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने फॉर्म 6 के तहत छत्तीसगढ़ में भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अभियान शुरू किया है। राज्य में हुए पिछले SIR में छूटे हुए एवं नए पात्र युवा मतदाताओं के पंजीकरण हेतु एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह कार्य BLO द्वारा घर-घर भ्रमण कर मतदाता सूची के निरंतर अद्यतनीकरण की प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाएगा।
घर-घर जायेंगे BLO
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छूटे हुए पात्र नागरिकों के साथ-साथ ऐसे युवा एवं पहली बार पात्र बने मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया को सुगम बनाना है, जिनके नाम अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं। यह कार्य बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर भ्रमण कर मतदाता सूची के निरंतर अद्यतनीकरण (Continuous Updation) की प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाएगा।
पूर्व मंत्री अकबर ने SIR पर उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने प्रदेश में SIR के दौरान काटे गए नामों के आंकड़े को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल मतों का अंतर 6 लाख 32 हजार 382 यानी 4.04 प्रतिशत वोट था, जबकि SIR के बाद अंतिम मतदाता सूची में 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई है। यह संख्या दोनों प्रमुख दलों के बीच मतों के अंतर की तुलना में करीब चार गुना अधिक है।
19 लाख से ज्यादा को शिफ्टेड/एब्सेंट बताया
अकबर ने बताया कि इनमें से 19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं को ‘शिफ्टेड’ या ‘एब्सेंट’ श्रेणी में चिह्नित किया गया। ये वे लोग हो सकते हैं जो रोजगार, कामकाज, शिक्षा अथवा अन्य कारणों से अपने पंजीकृत पते पर उपलब्ध नहीं थे। केवल किसी दिन घर पर अनुपस्थित होने या गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होने के आधार पर किसी व्यक्ति की स्थायी अनुपस्थिति मान लेना गंभीर चिंता का विषय है।
आयोग से मांग
पूर्व मंत्री अकबर ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि शिफ्टेड और अनुपस्थित श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं के मामलों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा की जाए। जिन मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस अथवा सुनवाई का अवसर नहीं मिला, उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. नया अभियान क्या है?
Form 6 के तहत छूटे हुए और नए युवा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का विशेष अभियान, BLO घर-घर जाकर Continuous Updation करेंगे।
Q2. छत्तीसगढ़ में SIR में कितने नाम कटे?
पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर के अनुसार 24 लाख 99 हजार 823 नाम अंतिम सूची में कम हुए।
Q3. शिफ्टेड/एब्सेंट कितने पाए गए?
19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं को शिफ्टेड या एब्सेंट श्रेणी में चिह्नित किया गया।
Q4. अकबर का मुख्य सवाल क्या है?
2023 में भाजपा-कांग्रेस के बीच जीत-हार का अंतर 6.32 लाख वोट था, जबकि SIR में कटे नाम उससे 4 गुना ज्यादा हैं, बिना व्यक्तिगत नोटिस और सुनवाई के नाम काटना गलत है।
Q5. पात्र नागरिक क्या करें?
इस अभियान के दौरान Form 6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए BLO से संपर्क करें।



