Resentment against religious conversion in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण को लेकर गांवों में विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कानागांव में ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर पास्टर-पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी सूचना बोर्ड लगाया है।
जानकारी के मुताबिक कानागांव में सेक्टर स्तरीय गायता जोहारनी कार्यक्रम आयोजित हुआ था। कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर गांव के बाहर यह बोर्ड लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि वे गांव में धर्मांतरण की गतिविधियों का विरोध करते हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
मुंगवाल गांव से शुरू हुआ सिलसिला अब अंतागढ़ तक पहुंचा
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र के मुंगवाल गांव से इस तरह के बोर्ड लगाए जाने का सिलसिला शुरू हुआ था। मुंगवाल में पहली बार ऐसा बोर्ड लगाए जाने के बाद यह मामला चर्चा में आया था। अब अंतागढ़ क्षेत्र के कानागांव में भी इसी तरह का बोर्ड लगाए जाने से यह मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है।
प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
कांकेर जिले के कानागांव में पास्टर-पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी बोर्ड लगाए जाने के मामले में फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों के इस कदम के बाद धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। अब इस मामले में प्रशासन क्या रुख अपनाता है और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. छत्तीसगढ़ के किस गांव में धर्मांतरण के विरोध में बोर्ड लगाया गया है?
Ans. कांकेर जिले के अंतागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कानागांव में ग्रामीणों ने गांव की सीमा पर पास्टर-पादरियों के प्रवेश पर प्रतिबंध संबंधी बोर्ड लगाया है। यह बोर्ड 11 अक्टूबर को गायता जोहारनी कार्यक्रम के बाद लगाया गया।
Q2. ग्रामीणों ने ऐसा बोर्ड क्यों लगाया, क्या वजह बताई?
Ans. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार वे गांव में धर्मांतरण की गतिविधियों के विरोध में हैं। इसी कारण गांव में बाहरी पास्टर-पादरियों के प्रवेश को रोकने के लिए यह सूचना बोर्ड लगाया गया है।
Q3. इसकी शुरुआत कहां से हुई थी?
Ans. इस तरह के बोर्ड लगाने की शुरुआत कांकेर जिले के ही भानुप्रतापपुर क्षेत्र के मुंगवाल गांव से हुई थी। वहां पहली बार धर्मांतरण के विरोध में बोर्ड लगाया गया था। अब वही सिलसिला अंतागढ़ क्षेत्र के कानागांव तक पहुंच गया है।
Q4. प्रशासन का इस पर क्या कहना है?
Ans. फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर नजर बनी हुई है।



