PWD Action Road Quality: छत्तीसगढ़ में सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर लोक निर्माण विभाग (PWD) पूरी तरह सख्त रुख अपना रहा है। हाल ही में परफॉर्मेंस गारंटी अवधि के भीतर सड़क के क्षतिग्रस्त मिलने और निर्माण में खराब गुणवत्ता सामने आने पर विभाग ने कड़ा एक्शन लिया है।
विभाग ने इस मामले में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदार और संबंधित अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कबीरधाम जिले के बानौ से कान्हाभैरा मार्ग का मामला
यह पूरा मामला कबीरधाम जिले से जुड़ा है, जहां 6.70 किलोमीटर लंबे ग्राम बानौ से कान्हाभैरा मार्ग के निर्माण के कुछ ही समय बाद क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिली थी। सड़क की स्थिति खराब होने और कई जगहों पर इसके धसकने की खबर मिलने के बाद विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जमीनी स्तर पर जांच के आदेश दिए थे।
अधिकारियों की संयुक्त टीम द्वारा स्थल निरीक्षण
शिकायत मिलने के बाद गत 27 अक्टूबर को लोक निर्माण विभाग के कवर्धा संभाग के कार्यपालन अभियंता, बोड़ला उप संभाग के अनुविभागीय अधिकारी और उप अभियंता की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सड़क कई स्थानों पर पूरी चौड़ाई में और कुछ जगहों पर एक तरफ से धसक चुकी है, जिसे ठीक करने की तत्काल आवश्यकता है।
फरवरी 2031 तक पांच साल की परफॉरमेंस गारंटी में है सड़क
उल्लेखनीय है कि यह सड़क मार्ग (पुल-पुलियों सहित) ठेकेदार मेसर्स कन्हैया लाल अग्रवाल द्वारा इसी साल फरवरी के महीने में ही पूर्ण किया गया था। नियमों के अनुसार यह सड़क फरवरी 2031 तक यानी पूरे पांच वर्षों की परफॉरमेंस गारंटी के अंतर्गत आती है। गारंटी अवधि के भीतर ही सड़क का इस तरह क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है।
ठेकेदार को 7 दिन के भीतर सुधार का अल्टीमेटम
लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार मेसर्स कन्हैया लाल अग्रवाल को नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि वे क्षतिग्रस्त हिस्से को उखाड़कर जी.एस.बी. सतह से निर्धारित मापदंडों के अनुसार सात दिनों के भीतर सुधारें। इसके बाद सुधार कार्य के फोटोग्राफ्स कार्यपालन अभियंता के पास जमा कराने होंगे। यदि तय समयसीमा में कार्य नहीं किया गया, तो ठेकेदार की रोकी गई परफॉरमेंस गारंटी राशि से उसके रिस्क और कॉस्ट पर काम कराया जाएगा।
तत्कालीन एसडीओ और उप अभियंता को भी नोटिस
सड़क निर्माण के दौरान पर्याप्त कम्पेक्शन (मिट्टी की सघनता) नहीं पाए जाने को विभाग ने गंभीर लापरवाही माना है। इस उदासीनता के लिए तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी श्री उमाप्रसाद जोशी और उप अभियंता श्री एल.आर. छत्तरे को भी नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने दोनों इंजीनियरों को तीन दिनों के भीतर कम्पेक्शन टेस्ट की विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
लापरवाही बरतने पर होगी अनुशासनात्मक विभागीय जांच
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर कम्पेक्शन टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की जाती है, तो इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही माना जाएगा। ऐसे में दोनों अधिकारियों के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर कड़ी विभागीय जांच प्रस्तावित की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की स्वयं होगी। विभाग के इस सख्त कदम से लापरवाह ठेकेदारों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।



