EPFO WhatsApp Service: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कर्मचारियों को घर बैठे PF से जुड़ी जानकारी देने के लिए WhatsApp पर नई सर्विस शुरू की है। इसके जरिए कर्मचारी अपना PF बैलेंस, पासबुक और पिछले 5 ट्रांजैक्शन देख सकते हैं। हालांकि, 1 नवंबर 2026 को लॉन्च हुई इस सुविधा के शुरुआती दिनों में ही कई यूजर्स को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लोग OTP नहीं मिलने और सर्विस में एरर आने की शिकायत कर रहे हैं।
नई सुविधा का मकसद कर्मचारियों को PF से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियों के लिए EPFO की वेबसाइट या दफ्तर के चक्कर लगाने से राहत देना है। अब WhatsApp के जरिए ही PF अकाउंट से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल करने की सुविधा दी गई है। लेकिन लॉन्च के बाद कुछ यूजर्स के लिए इसका इस्तेमाल आसान नहीं रहा।
OTP नहीं मिल रहा, PF बैलेंस चेक करने पर एरर
नई WhatsApp सर्विस को लेकर कई यूजर्स ने X पर अपनी परेशानी साझा की है। कुछ लोगों का कहना है कि सर्विस इस्तेमाल करते समय उनके मोबाइल पर OTP नहीं आ रहा। वहीं, कुछ यूजर्स को PF बैलेंस और पासबुक देखने के दौरान एरर दिखाई दे रहा है। कुछ लोगों ने यह भी बताया कि WhatsApp पर सर्विस का विकल्प चुनने के बाद भी उन्हें मांगी गई जानकारी नहीं मिल पा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि तकनीकी समस्या सभी यूजर्स को हो रही है या कुछ लोगों को ही इसका सामना करना पड़ रहा है। नई सर्विस होने के कारण शुरुआती दिनों में तकनीकी दिक्कतें सामने आ सकती हैं। अगर आपको भी WhatsApp पर PF से जुड़ी जानकारी नहीं मिल रही है, तो कुछ समय बाद दोबारा कोशिश कर सकते हैं।
1 नवंबर को EPFO के स्थापना दिवस पर हुई शुरुआत
EPFO ने 1 नवंबर 2026 को अपने 74वें स्थापना दिवस के मौके पर इस नई WhatsApp सर्विस को लॉन्च किया था। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को PF से जुड़ी सेवाएं अधिक आसानी से उपलब्ध कराना है। इस सुविधा के जरिए कर्मचारी घर बैठे PF बैलेंस, पासबुक और पिछले पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी ले सकेंगे। इससे छोटी जानकारियों के लिए EPFO की वेबसाइट पर जाने या कार्यालय पहुंचने की जरूरत कम होगी।
2020 में शुरू हुई थी EPFO की WhatsApp हेल्पलाइन
EPFO की WhatsApp सेवा पहली बार शुरू नहीं हुई है। इसकी शुरुआत कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में हुई थी। उस समय कर्मचारियों की शिकायतों और सवालों का जवाब देने के लिए WhatsApp हेल्पलाइन शुरू की गई थी। मई 2020 में इसे कुछ रीजनल ऑफिस में शुरू किया गया था। बाद में 13 अक्टूबर 2020 तक यह सुविधा देश के सभी 138 रीजनल ऑफिस में उपलब्ध करा दी गई। उस समय WhatsApp हेल्पलाइन का इस्तेमाल मुख्य रूप से शिकायतें दर्ज कराने और सवालों के जवाब पाने के लिए होता था।


