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Madhya Pradesh

क्या नींद की दवा खाकर रेलवे ट्रैक पहुंचा था नरेंद्र? भोपाल 5 मर्डर-सुसाइड केस में दवा की 2 स्ट्रिप ने बढ़ाया सस्पेंस

Bhopal Malikhedi Murder Case
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Bhopal Malikhedi murder case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में परिवार के चार लोगों की हत्या और मुखिया के सुसाइड मामले में पोस्टमार्टम के बाद खुलासा हुआ है।
  • घर में मृत मिले नरेंद्र की मां, पत्नी और दोनों बच्चों की मौत ज्यादा खून बहने की वजह से हुई है।
  • चारों के गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान मिले थे, वहीं उनके सिर पर भी गंभीर चोटें मिली थी।
  • दूसरी ओर, रेलवे ट्रैक पर मिले नरेंद्र के शव के पास से पुलिस को दवा की दो स्ट्रिप बरामद की हैं, जिनमें से एक पूरी तरह खाली है।

Bhopal Malikhedi murder case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में परिवार के चार लोगों की हत्या और मुखिया के सुसाइड मामले में पोस्टमार्टम के बाद खुलासा हुआ है। घर में मृत मिले नरेंद्र की मां, पत्नी और दोनों बच्चों की मौत ज्यादा खून बहने की वजह से हुई है। चारों के गले पर धारदार हथियार से वार किए जाने के निशान मिले थे, वहीं उनके सिर पर भी गंभीर चोटें मिली थी।


दूसरी ओर, रेलवे ट्रैक पर मिले नरेंद्र के शव के पास से पुलिस को दवा की दो स्ट्रिप बरामद की हैं, जिनमें से एक पूरी तरह खाली है। मामला भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र अंतर्गत मालीखेड़ी का है।

शव के पास मिलीं दवा की 2 स्ट्रिप, एक पूरी तरह खाली

पुलिस को रेलवे ट्रैक पर नरेंद्र के शव के पास से दवा की दो स्ट्रिप मिली हैं। इनमें से एक स्ट्रिप जिसमें 10 गोलियां थीं पूरी तरह खाली पाई गई, जबकि दूसरी स्ट्रिप में गोलियां जस की तस थी। इससे आशंका जताई जा रही है कि, नरेंद्र ने सुसाइड से पहले यह गोलियां खाई हो सकती हैं, हालांकि खाली स्ट्रिप मिलने मात्र से यह नहीं पता चलता कि, उसने सभी 10 गोलियां खाई थीं। पुलिस इसे नींद की दवा बता रहे हैं, लेकिन इसे जांच के लिए लैंब भेजा गया है। जिससे दवा के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।

सुबह 8:50 बजे बुलेट लेकर निकला था नरेंद्र

पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि, नरेंद्र सुबह करीब 8 बजकर 50 मिनट पर अपनी बुलेट लेकर घर से निकला। इसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर पाया गया। पुलिस अब घर से निकलने और रेलवे ट्रैक पर शव मिलने के बीच की कड़िया जोड़ने में लगी है। नरेंद्र के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

कर्ज और आर्थिक तंगी के एंगल से भी जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में नरेंद्र कर्ज और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। परिजनों के अनुसार, वह पहले आष्टा के पास एक रिसोर्ट में शेफ के रूप में काम करता था। इससे पहले उसने एक छोटा रेस्टोरेंट भी शुरू किया था। जो बंद हो गया था। वह पिछले 15-20 दिनों से कोई काम नहीं कर रहा था। पुलिस अब उसके कर्ज की कुल रकम, लेनदारों का ब्योरा जुटा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि परिवार के चार सदस्यों की हत्या के पीछे क्या कर्ज ही मुख्य कारण था या कुछ और, फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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