Dhanteras Gold Buying Tips: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाने वाला धनतेरस का त्योहार भारतीय संस्कृति में सुख, समृद्धि और आरोग्य का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर पर नया सामान, विशेषकर सोने-चांदी के गहने और सिक्के खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
धनतेरस के दिन देश भर के सराफा बाजारों में भारी चहल-पहल देखने को मिलती है और लाखों लोग अपनी क्षमता अनुसार सोने की खरीदारी करते हैं।
सिर्फ चमक और कीमत ही काफी नहीं
जब भी हम धनतेरस के मौके पर ज्वैलरी शॉप पर जाते हैं, तो अक्सर हमारा पूरा ध्यान गहनों की चमक, डिजाइन और उसकी कीमत पर ही अटका रहता है। हम सुनार द्वारा बताई गई बात पर भरोसा करके खरीदारी कर लेते हैं। लेकिन केवल चमक देखकर सोने की असली गुणवत्ता और शुद्धता का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। कई बार लोग अनजाने में कम शुद्धता वाला सोना अधिक दाम में खरीद बैठते हैं।
सोने पर लिखा 3 अंकों का रहस्यमयी नंबर
क्या आपने कभी अपने सोने के गहनों को ध्यान से देखा है? यदि आप ध्यान से देखेंगे, तो आपको उन पर 3 अंकों का एक खास नंबर अंकित दिखाई देगा। यह कोई साधारण नंबर या कोई रैंडम सीरियल कोड नहीं है, बल्कि यह सोने की असल शुद्धता (Purity) का सीधा पैमाना होता है। सोना खरीदते समय इस 3 डिजिट नंबर को चेक करना हर ग्राहक के लिए बेहद जरूरी है।
क्यों जरूरी है शुद्धता की जांच?
सोने की शुद्धता की जांच करना इसलिए आवश्यक है ताकि आपको अपनी चुकाई गई रकम का सही मूल्य मिल सके। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा निर्धारित इन अंकों से यह स्पष्ट होता है कि आपके आभूषण में कितना प्रतिशत शुद्ध सोना मौजूद है और उसमें कितनी अन्य धातुएं मिलाई गई हैं। इस नंबर को समझे बिना खरीदारी करने पर धोखा खाने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
क्या है 24 कैरेट और 999 नंबर का मतलब?
24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना जाता है, जिसकी शुद्धता 99.9 प्रतिशत होती है। इसी वजह से इस पर 999 नंबर अंकित होता है। मुख्य रूप से सोने के सिक्के और बार (बिसकुट) 24 कैरेट में ही बनाए जाते हैं। हालांकि, 100% शुद्ध सोना बहुत नरम होता है, जिससे मजबूत और टिकाऊ गहने बनाना संभव नहीं होता। इसलिए गहने बनाते समय इसमें दूसरी धातुएं मिलाई जाती हैं।
सबसे लोकप्रिय 916 (22 कैरेट) नंबर का अर्थ
जब आप 22 कैरेट सोने के गहने खरीदते हैं, तो उस पर 916 नंबर लिखा होता है। इसका सीधा सा मतलब है कि उस आभूषण में 91.6 प्रतिशत शुद्ध सोना है और बाकी का 8.4 प्रतिशत तांबा, चांदी या अन्य धातुएं मिलाई गई हैं ताकि गहना मजबूत बन सके। भारत में ज्यादातर पारंपरिक और भारी गहने 22 कैरेट यानी 916 नंबर वाले सोने में ही तैयार किए जाते हैं।
750 और 585 नंबर का क्या है गणित?
इसी तरह, यदि आप कम बजट या मॉडर्न डिजाइन के आभूषण खरीद रहे हैं, तो उन पर 750 या 585 नंबर लिखा होता है। 750 नंबर का मतलब है कि इसमें 75 प्रतिशत शुद्ध सोना है और यह 18 कैरेट सोना कहलाता है। वहीं, 585 नंबर का अर्थ है कि इसमें 58.5 प्रतिशत शुद्ध सोना है, जिसे 14 कैरेट सोना कहा जाता है। हीरे (Diamond) की ज्वैलरी बनाने में आमतौर पर 18K (750) या 14K (585) सोने का उपयोग होता है।
बीआईएस हॉलमार्क और 6 अंकों का HUID कोड भी है जरूरी
सोने पर केवल 3 अंकों का नंबर देखना ही काफी नहीं है, बल्कि इसके साथ BIS Hallmark का चिन्ह और 6 अंकों वाला अलफान्यूमेरिक HUID (Hallmark Unique Identification) कोड भी अनिवार्य रूप से चेक करना चाहिए। HUID कोड हर गहने को एक विशिष्ट पहचान देता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि गहना पूरी तरह से बीआईएस प्रमाणित लैब से टेस्ट किया गया है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।
धनतेरस पर समझदारी से करें खरीदारी
इस धनतेरस जब आप ज्वैलर के पास जाएं, तो अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से इन अंकों को समझकर ही निर्णय लें। सुनार से पक्का बिल जरूर मांगें और बिल पर अंकित कैरेट तथा हॉलमार्किंग विवरण को गहने पर लिखे नंबर से मिलाएं। ऐसा करने से आप न केवल ठगी का शिकार होने से बचेंगे, बल्कि आपकी धनतेरस की खरीदारी पूरी तरह से सुरक्षित और संतोषजनक रहेगी।



