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Dhamtari News: गंगरेल बांध जल सत्याग्रह खत्म, 52 गांवों के पुनर्वास पर होगी चर्चा, जानिए क्या है पूरा मामला?

Dhamtari News: देवेंद्र मिश्रा। गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवारों का अपनी मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह बुधवार शाम समाप्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने पर सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि जिला प्रशासन अगले 15 से 20 दिनों के भीतर राजस्व मंत्री और […]

Gangrel Dam Protest
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Dhamtari News: देवेंद्र मिश्रा। गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवारों का अपनी मांगों को लेकर जारी अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह बुधवार शाम समाप्त हो गया। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद आंदोलन खत्म करने पर सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि जिला प्रशासन अगले 15 से 20 दिनों के भीतर राजस्व मंत्री और वन मंत्री के सामने प्रभावित परिवारों के व्यवस्थापन का मुद्दा रखेगा।

धमतरी जिले के गंगरेल बांध स्थित बोटिंग पॉइंट पर 12 अक्टूबर से शुरू हुआ जल सत्याग्रह तीसरे दिन समाप्त हुआ। बुधवार शाम गंगरेल निरीक्षण गृह में राजस्व, पुलिस और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में प्रभावित परिवारों के साथ बैठक हुई। इसमें अनुविभागीय अधिकारी, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी और तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी शामिल रहे।

52 गांवों की जमीन डूबी, अब तक व्यवस्थापन का इंतजार

गंगरेल बांध के निर्माण के दौरान 52 गांवों के लोगों की खेती की जमीन और मकान डूब क्षेत्र में आ गए थे। प्रभावित परिवार लंबे समय से भूमि आवंटन और उचित व्यवस्थापन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पुनर्वास से जुड़ा मामला वर्षों से लंबित है। हाईकोर्ट के आदेश के करीब छह साल बाद भी प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिवारों ने आंदोलन शुरू किया था।

पानी में उतरकर जताया था विरोध

अपनी मांगों को लेकर प्रभावित परिवारों ने 12 अक्टूबर को बांध के बोटिंग पॉइंट पर जल सत्याग्रह और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों ने पानी में उतरकर अपने अधिकारों की मांग उठाई और व्यवस्थापन की समस्या का समाधान करने की मांग की। तीन दिनों तक चले आंदोलन के बाद प्रशासन के साथ बातचीत हुई, जिसके बाद सत्याग्रह समाप्त करने पर सहमति बनी।

15 से 20 दिनों में मंत्रियों के सामने उठेगा मुद्दा

बैठक में तय किया गया कि जिला प्रशासन अगले 15 से 20 दिनों के भीतर राजस्व मंत्री और वन मंत्री के साथ डूब प्रभावित परिवारों के व्यवस्थापन और नियमानुसार कार्रवाई को लेकर चर्चा करेगा। इसके बाद मुख्यमंत्री की अनुमति लेकर दोनों पक्षों के प्रतिनिधिमंडल अपनी-अपनी बात रखेंगे। अब प्रभावित परिवारों को आगे होने वाली बैठकों से राहत की उम्मीद है।

आंदोलन खत्म, लेकिन पुनर्वास का इंतजार बरकरार

जल सत्याग्रह समाप्त होने से आंदोलन स्थल पर स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है, लेकिन प्रभावित परिवारों की प्रमुख मांग भूमि आवंटन और उचित व्यवस्थापन की है। वर्षों से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को वास्तविक राहत कब मिलेगी, यह आने वाले दिनों में प्रशासनिक बैठकों और शासन के फैसले से स्पष्ट होगा।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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