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Korba: 12 घंटे जाम से लोग हुए हलाकान, पुलिस ने एनएचएआई के खिलाफ कोर्ट में डाला परिवाद, एजेंसी पर लगा 10 लाख का जुर्माना

कोरबा। कोरबा में नेशनल हाईवे-130 पर ट्रेलर हादसे के बाद करीब 12 घंटे तक लगे जाम ने पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को आमने-सामने ला दिया है। राहत और ट्रैफिक बहाली में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ कटघोरा कोर्ट में शिकायत की है।  इसी कड़ी में राहत कार्यों […]

Korba: 12 घंटे जाम से लोग हुए हलाकान, पुलिस ने एनएचएआई के खिलाफ कोर्ट में डाला परिवाद, एजेंसी पर लगा 10 लाख का जुर्माना
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

कोरबा। कोरबा में नेशनल हाईवे-130 पर ट्रेलर हादसे के बाद करीब 12 घंटे तक लगे जाम ने पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को आमने-सामने ला दिया है। राहत और ट्रैफिक बहाली में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस ने एनएचएआई अधिकारियों के खिलाफ कटघोरा कोर्ट में शिकायत की है। 

इसी कड़ी में राहत कार्यों में लापरवाही बरतने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ऑपरेशंस एंड मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संभाल रही ‘मेसर्स रविंद्र’ एजेंसी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इधर, पुलिस ने एनएचएआई के विरुद्ध न्यायालय में परिवाद दायर किया है।

हादसा 12 अक्टूबर की रात करीब 2 बजे बांगो-मोरगा थाना क्षेत्र के मदनपुर घाट अंतर्गत तारा घाटी के पास हुआ। यहां वाहन में खराबी के चलते एक ट्रेलर हाईवे पर खड़ा था। इसी दौरान तारा घाटी से कटघोरा की ओर जा रहा दूसरा ट्रेलर उससे पीछे से टकरा गया।

टक्कर के बाद हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। देखते ही देखते यातायात ठप हो गया और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।

करीब 12 घंटे तक चले जाम में बसों के यात्री, एंबुलेंस में मरीज और ट्रेन व फ्लाइट पकड़ने के लिए निकले लोग फंसे रहे। महिलाओं और बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

समय पर नहीं मिली मदद 

क्रेन ऑपरेटर की अनुपलब्धता और रिकवरी उपकरणों के लिए पर्याप्त ईंधन नहीं होने से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटाने में देरी हुई। 1033 हेल्पलाइन पर बार-बार सूचना के बावजूद समय पर मदद नहीं मिली।

इसे हाईवे पेट्रोलिंग के मानकों का उल्लंघन मानते हुए संबंधित एजेंसी पर 10 लाख की पेनाल्टी लगाई गई। वहीं पुलिस ने आपात स्थिति में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कटघोरा न्यायालय में परिवाद दायर किया है।

कटघोरा एसडीओपी विजय सिंह ठाकुर के मुताबिक, एनएचएआई के अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके मोबाइल बंद मिले। इससे जाम हटाने और राहत कार्यों में दिक्कत आई।

एनएचएआई के खिलाफ कोर्ट में परिवाद

पुलिस का आरोप है कि एनएचएआई अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और सरकारी कर्मचारियों को उनके काम में जरूरी सहयोग नहीं दिया। इसी आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 222ए के तहत कटघोरा कोर्ट में शिकायत पेश की गई है।

पुलिस ने साफ किया है कि भविष्य में भी यदि कोई एजेंसी हादसे के दौरान राहत और यातायात बहाली में सहयोग नहीं करती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

Q1. कोरबा में 12 घंटे जाम क्यों लगा?

Ans. 12 अक्टूबर रात 2 बजे NH-130 तारा घाटी में खड़े ट्रेलर से दूसरा ट्रेलर टकराया, क्रेन-ईंधन न मिलने से हटाने में देरी हुई।

Q2. किस पर जुर्माना और किस पर परिवाद?

Ans. NHAI ने मेंटेनेंस एजेंसी मेसर्स रविंद्र पर 10 लाख जुर्माना लगाया, पुलिस ने NHAI अधिकारियों के खिलाफ कटघोरा कोर्ट में BNS 222A के तहत परिवाद दायर किया।

Q3. पुलिस ने क्या आरोप लगाया?

Ans. NHAI अधिकारियों के फोन बंद थे, 1033 हेल्पलाइन पर मदद नहीं मिली, राहत कार्य में सहयोग नहीं किया।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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