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Kaveri Seeds Protest Raipur: जल सत्याग्रह के बाद भी भुगतान नहीं, 6.11 करोड़ के लिए रायपुर पहुंच रहे किसान

Kaveri Seeds Protest Raipur: छत्तीसगढ़ के सात जिलों के 176 किसान और मजदूर कावेरी सीड्स कंपनी से बकाया भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को रायपुर में कंपनी के कार्यालय का घेराव करने निकले हैं। भारतीय किसान यूनियन महासमुंद के बैनर तले निकले इन किसानों का दावा है कि मूल बकाया राशि करीब […]

Kaveri Seeds Protest Raipur
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Kaveri Seeds Protest Raipur: छत्तीसगढ़ के सात जिलों के 176 किसान और मजदूर कावेरी सीड्स कंपनी से बकाया भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार, 23 अक्टूबर को रायपुर में कंपनी के कार्यालय का घेराव करने निकले हैं। भारतीय किसान यूनियन महासमुंद के बैनर तले निकले इन किसानों का दावा है कि मूल बकाया राशि करीब 4.70 करोड़ रुपये है। 15 महीने का ब्याज जोड़ने के बाद यह दावा करीब 6.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। किसानों का कहना है कि फरवरी में भुगतान का आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक रकम नहीं मिली।

किसान महासमुंद से ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य साधनों से रायपुर के महादेव घाट रोड स्थित भाठागांव में कावेरी बीज कंपनी के कार्यालय की ओर रवाना हुए हैं। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रास्ते में रोका, तो वे वहीं अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर सकते हैं।

सात जिलों के 176 किसानों और मजदूरों का बकाया

भारतीय किसान यूनियन महासमुंद के जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार चंद्राकर और किसान नेता तेजराम विद्रोही के अनुसार, कंपनी के लिए बीज उत्पादन कराने के बाद भी किसानों और मजदूरों को भुगतान नहीं मिला है। उनके अनुसार, सात जिलों के 176 किसानों का 4,62,29,866 रुपये बकाया है। इसके अलावा मजदूरों की मजदूरी के 7,89,500 रुपये भी बाकी हैं। इस तरह मूल बकाया राशि 4,70,19,366 रुपये बताई गई है। इसमें महासमुंद जिले के 85 किसान शामिल हैं। किसान नेताओं के मुताबिक, 15 महीने के लिए 2 प्रतिशत मासिक ब्याज जोड़ने के बाद कुल दावा 6,11,25,175 रुपये हो गया है। यह राशि किसानों की ओर से किया गया दावा है।

फरवरी में भी रायपुर घेराव के लिए निकले थे किसान

किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से भुगतान की मांग कर रहे हैं। इससे पहले 20 फरवरी 2026 को भी वे रायपुर में घेराव करने निकले थे। उनके मुताबिक, बेलसोंडा के पास प्रशासन ने भुगतान कराने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया था, लेकिन इसके बाद भी रकम नहीं मिली। अब किसानों ने कहा है कि यदि उन्हें इस बार भी बीच रास्ते में रोका गया, तो वे वहीं अनिश्चितकालीन धरना देंगे। उनकी मांग है कि बकाया राशि ब्याज सहित दिलाई जाए।

शिकायत के बाद गंगरेल बांध में किया था जल सत्याग्रह

किसान नेताओं के मुताबिक, 8 जून 2026 को कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद 8 सितंबर को सात जिलों के सैकड़ों किसानों ने धमतरी के अर्जुनी चौक से पदयात्रा निकाली और पंडित रविशंकर शुक्ल जलाशय यानी गंगरेल बांध में उतरकर जल सत्याग्रह किया था। किसानों ने 23 अक्टूबर को महासमुंद के नदी मोड़ घोड़ारी पुल पर भी कावेरी सीड्स और निजी बीज कंपनियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत और आंदोलन के बावजूद भुगतान का समाधान नहीं हुआ है।

कंपनी के एजेंटों पर 60 लाख रुपये से अधिक के गबन का आरोप

किसान नेता तेजराम विद्रोही ने कंपनी की भुगतान प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि कंपनी ने अपने मुंशियों और बिचौलियों का भुगतान कर दिया, लेकिन किसानों और मजदूरों की रकम रोक दी गई। उन्होंने इसे किसानों और मजदूरों का आर्थिक और मानसिक शोषण बताया। पहले दर्ज शिकायतों के हवाले से कंपनी के एजेंटों मनीष कुमार साहू और हरिकृष्ण गंजीर पर कथित फर्जी इकरारनामों के जरिए 60 लाख रुपये से अधिक के गबन का आरोप भी लगाया गया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। किसानों ने शासन-प्रशासन से मामले की जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और बकाया राशि ब्याज सहित दिलाने की मांग की है।

5 FAQs

1. किसान कावेरी सीड्स कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?

किसान नेताओं के मुताबिक, बीज उत्पादन के बाद किसानों और मजदूरों को भुगतान नहीं मिला है। वे बकाया राशि ब्याज सहित दिलाने की मांग कर रहे हैं।

2. किसानों ने कितने रुपये बकाया होने का दावा किया है?

किसान नेताओं के अनुसार, मूल बकाया 4,70,19,366 रुपये है। 15 महीने का ब्याज जोड़ने के बाद कुल दावा करीब 6,11,25,175 रुपये है।

3. आंदोलन में कितने किसान और मजदूर शामिल हैं?

दिए गए विवरण के मुताबिक, सात जिलों के कुल 176 किसान और मजदूर रायपुर में घेराव के लिए निकले हैं।

4. किसानों ने पहले कौन-सा आंदोलन किया था?

किसान नेताओं के मुताबिक, 8 सितंबर 2026 को सैकड़ों किसानों ने धमतरी के गंगरेल बांध में उतरकर जल सत्याग्रह किया था।

5. किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

किसानों ने बकाया राशि ब्याज सहित दिलाने, शिकायतों की जांच कराने और कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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