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Chhattisgarh News: किसानों को बड़ी राहत; एग्रीस्टेक पंजीयन की शर्त बदली, जानें अब क्या है नया नियम

Chhattisgarh Agristack Registration Paddy Procurement: समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब धान बेचने के लिए खाते में दर्ज सभी सह-खातेदारों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य नहीं होगा। केवल लंबरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन होना जरूरी रहेगा। शासन ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। इससे […]

Farmers registering for Agristack before paddy procurement at MSP
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh Agristack Registration Paddy Procurement: समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब धान बेचने के लिए खाते में दर्ज सभी सह-खातेदारों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य नहीं होगा। केवल लंबरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन होना जरूरी रहेगा। शासन ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। इससे एग्रीस्टेक पंजीयन के लिए परेशान हो रहे हजारों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पहले सह-खातेदारों का पंजीयन भी था जरूरी

शासन ने जून में जारी आदेश में खाते में शामिल सभी सह-खातेदारों के लिए भी एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य किया था। इसके बिना समर्थन मूल्य पर समितियों में धान बेचने में परेशानी हो सकती थी। आदेश के बाद बड़ी संख्या में किसान अपने परिवार के सभी सह-खातेदारों का पंजीयन कराने के लिए सेंटरों के चक्कर लगाने लगे। इस व्यवस्था के कारण खासकर उन परिवारों को परेशानी हुई, जिनके खाते में महिला सह-खातेदार दर्ज हैं, लेकिन उनका विवाह हो चुका है और वे दूसरे स्थान पर रह रही हैं।

अब सिर्फ लंबरदार का पंजीयन जरूरी

सोमवार को जारी नए आदेश में शासन ने सह-खातेदारों के एग्रीस्टेक पंजीयन की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब धान बेचने के लिए केवल लंबरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन होना जरूरी होगा। इसका मतलब है कि खाते में दर्ज दूसरे सह-खातेदारों को अलग से एग्रीस्टेक पंजीयन कराने की जरूरत नहीं होगी। नई व्यवस्था से उन किसानों को सीधे राहत मिलेगी, जो पंजीयन की अनिवार्यता के चलते परेशान हो रहे थे।

कितने किसानों ने कराया पंजीयन, इसका रिकॉर्ड नहीं

सभी सह-खातेदारों का पंजीयन जरूरी किए जाने के बाद बड़ी संख्या में किसान एग्रीस्टेक पंजीयन केंद्रों पर पहुंचे। हालांकि, जिले में अब तक कितने खातों के सभी सह-खातेदारों का पंजीयन पूरा हुआ और कितने खाते इससे अभी छूटे हैं, इसका विभाग के पास कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। अधीक्षक भू-अभिलेख केएस यादव ने भी पुष्टि की है कि सभी सह-खातेदारों के पंजीयन की स्थिति का अलग से कोई रिकॉर्ड विभाग में उपलब्ध नहीं है।

महिला सह-खातेदारों को भी राहत

नई व्यवस्था का सबसे सीधा असर उन महिला सह-खातेदारों पर पड़ेगा, जिनका विवाह हो चुका है और वे दूसरे स्थान पर रह रही हैं। ऐसी कई महिला खातेदारों ने मोबाइल ओटीपी के जरिए एग्रीस्टेक पंजीयन कराया था। अब उनके लिए अलग से पंजीयन कराना जरूरी नहीं होगा। धान बिक्री के लिए खाते के लंबरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन पर्याप्त होगा।

खाद्य विभाग ने भी की नए नियम की पुष्टि

खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि खाते में दर्ज सभी सह-खातेदार किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन अब आवश्यक नहीं है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए केवल लंबरदार का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य रहेगा।शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। यानी धान खरीदी के लिए एग्रीस्टेक पंजीयन की पुरानी अनिवार्यता में अब बदलाव कर दिया गया है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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