CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय और आक्रामक हो गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) का असर प्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके चलते कई इलाकों में लगातार बारिश हो रही है और आने वाले दिनों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।
1 सितंबर 2026 को प्रदेश में मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 2, 3 और 4 सितंबर को येलो अलर्ट रहेगा। इस दौरान लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रायपुर समेत कई जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के नाउकास्ट में रायपुर के अलावा सुकमा, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, उत्तर बस्तर कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद और महासमुंद जिले शामिल हैं। इसके साथ ही बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा और जशपुर के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
दुर्ग से सरगुजा संभाग तक मौसम का असर
जारी जिला स्तरीय नाउकास्ट के अनुसार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और मुंगेली जिलों में भी हल्की बारिश हो सकती है। वहीं सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। इस तरह प्रदेश के बस्तर से लेकर उत्तरी छत्तीसगढ़ तक कई इलाकों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह
प्रदेश में बारिश के मौसम को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। विशेष रूप से यात्रा करने वाले लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव के प्रति सतर्क रहना चाहिए। हालांकि इस जिला स्तरीय नाउकास्ट में सूचीबद्ध क्षेत्रों के लिए मुख्य रूप से हल्की बारिश की संभावना बताई गई थी। रायपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में सुबह के समय मौसम का असर देखने को मिल सकता है।
तापमान में बदलाव नहीं, 5 और 6 सितंबर को मिलेगी राहत
मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। तापमान स्थिर रहने से मौसम में ठंडक और सामान्य स्थिति बनी रहेगी, जिससे लोगों को उमस से राहत मिलेगी। 1 सितंबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। इसके बाद 2, 3 और 4 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ चुनिंदा स्थानों पर तेज बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं 5 और 6 सितंबर को मौसम सामान्य रहने का अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों और प्रशासन की सतर्क रहने की सलाह
मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों तक मानसूनी तंत्र पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है। बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बस्तर, रायपुर और बिलासपुर संभाग के निवासियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि, यातायात और आम जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के निचले इलाकों और छोटे नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। खेतों में खड़ी धान की फसल के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन कटी हुई फसलों को खुले में रखने से नुकसान पहुंच सकता है। शहरी और ग्रामीण रास्तों पर फिसलन और कम दृश्यता की वजह से आवागमन का समय बढ़ सकता है।


