Electric Bus Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की नगरीय परिवहन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रायपुर नगर निगम शहरवासियों के लिए ‘पीएम ई-बस सेवा योजना’ के अंतर्गत 100 नई इलेक्ट्रिक (ई-बसों) का बेड़ा शुरू करने जा रहा है।
इन अत्याधुनिक बसों के संचालन से न केवल दैनिक यात्रियों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी, बल्कि शहर में प्रदूषण के स्तर को कम करने में भी मदद मिलेगी। इस पहल से राजधानी के विभिन्न हिस्सों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
प्रशासनिक फैसलों की जगह जनता की राय को प्राथमिकता
आमतौर पर सार्वजनिक परिवहन के रूट और ठहराव केवल प्रशासनिक अधिकारियों और कागजी समीक्षाओं के आधार पर तय किए जाते हैं, जिससे कई बार वास्तविक यात्रियों की जरूरतें छूट जाती हैं। हालांकि, रायपुर नगर निगम ने इस पारंपरिक प्रक्रिया को बदलते हुए आम नागरिकों की राय को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का अनूठा निर्णय लिया है। बसों को किन-किन सड़कों और व्यस्त इलाकों से गुजारा जाए, इसका अंतिम निर्णय शहर के निवासियों द्वारा दिए गए सुझावों और डेटा के आधार पर किया जाएगा।
ऑनलाइन सर्वे के माध्यम से रूट तय करने की अनोखी पहल
नगर निगम ने रायपुरवासियों के लिए एक विशेष ऑनलाइन सर्वे शुरू किया है। इस डिजिटल सर्वे के लिए एक सरल ऑनलाइन लिंक जारी किया गया है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक लगभग एक मिनट का समय निकालकर अपना सुझाव दर्ज करा सकता है। इस सर्वे में नागरिकों से उनके रोज़ाना के यात्रा मार्गों, आवागमन के समय और उन क्षेत्रों की जानकारी मांगी जा रही है जहाँ वर्तमान में बस सेवा की सख्त आवश्यकता है। इस डेटा का उपयोग वैज्ञानिक तरीके से रूट मैपिंग के लिए किया जाएगा।
कॉलेज, दफ्तर और बाजारों तक सुगम होगी आवाजाही
ऑनलाइन सर्वे के माध्यम से प्राप्त निष्कर्षों का विश्लेषण कर ई-बसों का रूट चार्ट इस तरह तैयार किया जाएगा कि कॉलेज जाने वाले युवाओं, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और गृहिणियों को सीधा लाभ मिल सके। शहर के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों, प्रमुख बाजारों और अस्पतालों को जोड़ने वाले मार्गों को प्राथमिक सूची में रखा जाएगा। इससे यात्रियों के समय और पैसे दोनों की बचत होगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
जरवाय में 13.5 करोड़ की लागत से बन रहा आधुनिक ई-बस डिपो
इन 100 ई-बसों के सुचारू संचालन, देखरेख और चार्जिंग के लिए एक समर्पित डिपो का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। रायपुर के हीरापुर स्थित जरवाय में लगभग ₹13.5 करोड़ की लागत से एक अत्याधुनिक ई-बस डिपो तैयार किया जा रहा है। शहर के अलग-अलग कोनों और रूटों पर संचालित होने वाली बसों का मुख्य नियंत्रण और रखरखाव इसी डिपो से संचालित किया जाएगा।
मुख्य चार्जिंग स्टेशन और डिपो निर्माण की समीक्षा
निर्माणाधीन डिपो परिसर में विशाल चार्जिंग प्लेटफॉर्म और अत्याधुनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि ई-बसों को बिना किसी बाधा के चार्ज किया जा सके। हाल ही में रायपुर नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा ने जरवाय में बन रहे ई-बस डिपो का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण स्थल का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने तथा ठेका एजेंसी के कार्यों की निरंतर गुणवत्ता जांच और निगरानी करने के सख्त निर्देश दिए।
टिकटिंग और कंडक्टर एजेंसी के चयन की प्रक्रिया जारी
रूट निर्धारण और डिपो निर्माण के अलावा, नगर निगम प्रशासन ई-बसों के परिचालन से जुड़ी अन्य आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। बसों में यात्रियों को टिकट जारी करने, कंडक्टरों की तैनाती और राजस्व संग्रह की जिम्मेदारी संभालने के लिए एक कुशल टिकटिंग एजेंसी के चयन की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। एजेंसी तय होते ही परिचालन व्यवस्था को अंतिम मंजूरी दे दी जाएगी।
जल्द शुरू होगी सेवा, रायपुरवासियों को मिलेगी बड़ी राहत
पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत मिलने वाली 100 ई-बसों के संचालन से रायपुर की पूरी यातायात तस्वीर बदलने वाली है। डिपो निर्माण का काम पूरा होने, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने और टिकटिंग एजेंसी के फाइनल होते ही इन बसों को हरी झंडी दिखाकर सडकों पर उतारा जाएगा। नगर निगम की इस पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित पहल से राजधानी रायपुर को एक हरित, स्वच्छ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क प्राप्त होगा।



