नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की अगुवाई में ‘INDIA’ गठबंधन के प्रमुख विपक्षी नेताओं ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ एक रिट याचिका दायर की है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में Rahul Gandhi v. Election Commission of India के नाम से दर्ज किया गया है।
इस याचिका में राहुल गांधी के अलावा मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत 11 प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट में शाम 4:30 बजे की तय समय-सीमा के भीतर वकील एस. प्रसन्ना के जरिए यह याचिका दाखिल की गई।
याचिका में उठाई गईं 10 प्रमुख मांगें:-
1-SIR से जुड़े सभी रिकॉर्ड पेश करे चुनाव आयोग
चुनाव आयोग को SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) से जुड़ी सभी फाइलें, बैठकों के मिनट्स, आपत्तियों का ब्योरा तथा ECINET और ERONET के एक्सेस लॉग कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए जाएं।
2-SIR के फैसलों की संवैधानिक वैधता की जांच हो:-
सुप्रीम कोर्ट यह जांच करे कि SIR से जुड़े फैसले संविधान के अनुच्छेद 324 और नियम-कायदों के अनुरूप हैं या नहीं। बिना वैधानिक अधिकार के लिए गए फैसलों को निरस्त किया जाए।
3-दोषी अधिकारियों पर हो कार्रवाई:-
मतदाता सूची में संशोधन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रशासनिक व निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कड़ी कार्रवाई हो।
4-शिकायतों पर पारदर्शी फैसला हो:- SIR से संबंधित सभी शिकायतों पर चुनाव आयोग 2023 के कानून की धारा 18 के तहत निर्णय ले और पूरी प्रक्रिया का उचित रिकॉर्ड बनाए।
5-ऑनलाइन फॉर्म-6 निर्धारित नियमों के मुताबिक हो:-
मतदाता सूची में नाम जोड़ने वाले ऑनलाइन ‘फॉर्म-6’ का प्रारूप 1960 के नियमों के अनुरूप ही रखा जाए; बिना कानूनी संशोधन के कोई मनमाना बदलाव न किया जाए।
6-EVM और वोटर लिस्ट की स्वतंत्र ऑडिट (जांच) समिति गठित हो:-
सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की समिति बने, जो मतदाता सूची से हटाए गए नामों और EVM के तकनीकी डिजाइन, संरचना व तैनाती प्रोटोकॉल की निष्पक्ष जांच करे।
7-हटाए गए मतदाताओं की सूची व कारण सार्वजनिक हों:-
SIR के दौरान जिन मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उनकी बूथवार सूची जारी की जाए। साथ ही हटाने का कारण, लिंग और आयु के आधार पर ब्योरा भी सार्वजनिक किया जाए।
8-बिना नोटिस और सुनवाई के किसी का नाम न हटे:-
किसी भी नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटाने से पहले उसे लिखित नोटिस दिया जाए और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर मिले।
9-देशभर में चल रही SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगे:-
याचिका में उठाए गए सभी विवादित मुद्दों पर कोर्ट का अंतिम फैसला आने तक सभी राज्यों में चल रही SIR (समरी रिवीजन) प्रक्रिया पर तुरंत अंतरिम रोक लगाई जाए।
10-न्यायालय द्वारा उचित राहत:-
चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट जो भी अन्य आदेश या राहत जरूरी समझे, वह प्रदान करे।



