बिलासपुर। नव नियुक्त महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने पदभार ग्रहण करने के बाद मिलने वाली सभी सुविधाओं को लेने से इंकार कर दिया है। महाधिवक्ता ने एसपी को पत्र लिखकर पुलिस पायलेटिंग और फॉलो गार्ड की सुविधा वापस लेने कहा है। साथ ही उन्होंने महाधिवक्ता को मिलने वाला बंगला भी लेने से मना कर दिया है।

 

 

महाधिवक्ता ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर तत्कालीन एजी रहे जुगल किशोर गिल्डा को 25 जनवरी 2020 तक के लिए आबंटित बंगला को आवश्यकता न होने का हवाला देते हुए लेने से इंकार कर दिया है। इसतरह से वे किसी भी तरह की सरकारी सुविधाएं नहीं लेना चाहते।

 

कर्मचारियों की भी कराई वापसी
नव नियुक्त महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने बंगले में आबंटित कर्मचारी रमेश कुमार यादव तथा धनेश्वरी बाई यादव की सेवाओं को भी हाईकोर्ट स्थित महाधिवक्ता कार्यालय लौटा दिया है। उन्होंने महाधिवक्ता कार्यालय के अवर सचिव महादेव आगरकर को भेजी चिट्ठी में लिखा है कि उक्त कर्मचारियों की सेवाओं की आवश्यकता मुझे निवास में नहीं है। लिहाजा इसे महाधिवक्ता कार्यालय को लौटाई जाती है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।