Chhattisgarh Assembly Session Debate On Vedanta Plant Accident
Industry Minister Lakhanlal Dewangan replying in Chhattisgarh Assembly over Sakti Vedanta plant accident.

CG News : छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में सक्ती जिले के सिंधी तराई स्थित वेदांता प्लांट में हुए भीषण हादसे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। इस वेदांता प्लांट हादसा में 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। यही वजह है कि कांग्रेस ने सदन में सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने मामले की जांच, एफआईआर और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए।

इसके बाद उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सरकार की तरफ से पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मामले की विवेचना लगातार जारी है। सरकार दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी। हालांकि सरकार के इस जवाब से कांग्रेस विधायक बिल्कुल संतुष्ट नहीं हुए। नतीजतन नाराज विपक्षी सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

क्यों गरमाया विधानसभा में वेदांता हादसे का मुद्दा?

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मामले में सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने पूछा कि एफआईआर में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल का नाम दर्ज है। इसके बावजूद अब तक उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई? सदन में यह सवाल गूंजता रहा कि 18 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज होने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली क्यों हैं।

इसके अलावा महंत ने जांच की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या चेयरमैन को कोई समन जारी हुआ है? उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इस मामले की विवेचना में कोई अंदरूनी लेन-देन तो नहीं हुआ है।

मुआवजे और कार्रवाई पर सरकार का जवाब

दूसरी तरफ चंद्रपुर विधायक रामकुमार यादव ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल दागे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा घोषित आर्थिक सहायता अभी तक कई पीड़ित परिवारों तक नहीं पहुंची है। इसके साथ ही उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछे तीखे सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस चर्चा में शामिल होकर सरकार की मंशा पर उंगली उठाई। उन्होंने पूछा कि प्रदेश के औद्योगिक हादसों में अब तक कितने मालिकों पर एफआईआर हुई है? उन्होंने कोरबा के एक पुराने हादसे का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि तब चेयरमैन पर एफआईआर नहीं हुई थी, लेकिन इस बार उनका नाम शामिल है।

उद्योग मंत्री ने सदन में दिया कार्रवाई का भरोसा

उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि वेदांता प्लांट हादसा की जांच के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है। कंपनी की तरफ से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। इसके अलावा प्रधानमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रुपये बांटे गए हैं।

मंत्री ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सहायता राशि का वितरण भी जिला प्रशासन के माध्यम से लगातार जारी है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि जांच पूरी होते ही सभी दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस आश्वासन के बाद भी विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

FAQs

  1. छत्तीसगढ़ का वेदांता प्लांट हादसा कहां हुआ था?

यह भीषण हादसा छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के अंतर्गत आने वाले सिंधी तराई स्थित वेदांता प्लांट में हुआ था।

  1. इस औद्योगिक हादसे में कितने लोगों की जान गई थी?

सिंधी तराई स्थित इस प्लांट हादसे में कुल 25 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

  1. वेदांता प्लांट मामले में कितने लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है?

इस मामले में पुलिस ने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

  1. पीड़ितों को अब तक कितनी मुआवजा राशि दी गई है?

कंपनी की ओर से मृतकों के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और प्रधानमंत्री कोष से 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई है।

  1. विधानसभा में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट क्यों किया?

विपक्ष आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और मंत्री के जवाब से संतुष्ट नहीं था, इसलिए कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है।