सक्ती। जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए उस खौफनाक हादसे ने एक और मजदूर की जिंदगी निगल ली है। 14 अप्रैल को हुए ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे पश्चिम बंगाल के मजदूर विश्वजीत साहू ने रायपुर के श्री शंकरा हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इलाज के दौरान आए कार्डियक अरेस्ट ने उनकी जान ले ली जिससे अब इस भीषण त्रासदी में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 25 हो गई है। गौरतलब है कि बायलर के फर्नेस में दबाव बढ़ने से हुए इस धमाके ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है।

बड़े अफसरों और चेयरमैन पर शिकंजा

हादसे की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल व प्लांट हेड देवेंद्र पटेल समेत 19 जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला कायम किया है।

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बिलासपुर कमिश्नर करेंगे जांच

दूसरी तरफ सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं जिसके लिए बिलासपुर संभाग के आयुक्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन की कोशिश है कि हादसे की असली वजह सामने आए और दोषियों को बख्शा न जाए।

29 अप्रैल को पेश होंगे चश्मदीद

इस जांच प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए आम जनता और प्रत्यक्षदर्शियों को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया है। बिलासपुर संभाग आयुक्त सुनील जैन ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति इस धमाके से जुड़े साक्ष्य या दस्तावेज देना चाहता है वह 29 अप्रैल को कमिश्नर कार्यालय में उपस्थित हो सकता है।

दोषियों की जिम्मेदारी होगी तय

इस जांच का मुख्य मकसद न सिर्फ दोषियों को सजा दिलाना है बल्कि भविष्य में ऐसे खूनी हादसों को रोकना भी है। फिलहाल प्लांट प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है और प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा है।

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