हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त कोहराम देखने को मिल रहा है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए एक आक्रामक आदेश ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों और मुद्रा बाजार में हड़कंप मचा दिया है।
सेंसेक्स-निफ्टी में बड़ी गिरावट
शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि मुख्य सूचकांकों ने अपने अहम सपोर्ट लेवल तोड़ दिए। शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स 547 अंकर टूटकर 77,116.98 के स्तर पर आ गया। निफ्टी लगभग 160 अंक फिसलकर 24,013.30 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
बता दें कि बाजार में इस अफरा-तफरी की सबसे बड़ी वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह आदेश है, जिसमें उन्होंने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली ईरानी नौकाओं को “गोली मारकर नष्ट करने” का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में एक और ईरानी तेल टैंकर ‘मैजेस्टिक एक्स’ (Majestic X) को जब्त कर लिया है, जिससे शांति वार्ता की उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, कच्चे तेल में उबाल
दरअसल, खाड़ी देशों में युद्ध की आहट का सीधा असर भारतीय मुद्रा और ईंधन की कीमतों पर दिख रहा है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और विदेशी फंडों की निकासी के कारण रुपया 24 पैसे गिरकर 94.25 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
कच्चा तेल 105 डॉलर पार
ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 105.97 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर तनाव बढ़ा, तो यह जल्द ही 110 से 150 डॉलर के स्तर को छू सकता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने सिर्फ गुरुवार को ही 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचकर बाजार से अपना हाथ खींच लिया है। विशेषज्ञों की मानें तो जब तक ईरान और अमेरिका के बीच समुद्री गतिरोध कम नहीं होता, बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।



