0 हाई कोर्ट में जमानत पर सुनवाई से पहले किया अरेस्ट
0 कवासी बोले-आवाज उठाने पर सरकार कर रही परेशान
0 वकील ने कहा -EOW ने सुनियोजित तरीके से की गिरफ्तारी

रायपुर। हजारों करोड़ के शराब घोटाला मामले में EOW के प्रोडक्शन वारंट पर पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उन्हें पांच दिन के लिए EOW की रिमांड में भेज दिया है। कोर्ट ने 7 अप्रैल तक लखमा की रिमांड दी है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को ED के बाद अब EOW ने गिरफ्तार किया है। EOW ने लखमा से पूछताछ के लिए स्पेशल कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट की मांग की थी, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने लखमा को 7 अप्रैल तक रिमांड पर भेज दिया है

लखमा ने क्या कहा..?

कवासी लखमा ने कोर्ट के बाहर मीडिया से कहा कि, मैं गरीब आदमी हूं। बस्तर की आवाज विधानसभा में उठाता हूं। जनता की आवाज और बस्तर की आवाज उठाने पर सरकार मुझे परेशान कर रही है। मैं निर्दोष हूं। गरीब आदमी हूं।

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इस मौके पर लखमा के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि, गुरुवार को हाईकोर्ट में लखमा की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। इससे पहले ही सुनियोजित तरीके से EOW ने पूछताछ के लिए एप्लिकेशन लगाया और कोर्ट ने रिमांड पर भेज दिया। बता दें कि लखमा 16 जनवरी 2025 से जेल में बंद हैं।

ED ने शराब घोटाले में की थी छापेमारी

छत्तीसगढ़ के 2161 करोड़ के शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 10 मार्च को पूर्व सीएम भूपेश बघेल, उनके करीबी नेताओं और कारोबारियों के 14 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

ED ने लखमा को बताया सिंडिकेट का अहम हिस्सा

शराब घोटाला मामले में ED का आरोप है कि, पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

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बेटे का घर बनाया, कांग्रेस भवन का भी निर्माण

ED के वकील सौरभ पांडेय ने पूर्व में मीडिया को बताया था कि, 3 साल तक शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपये मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे।

ED का कहना है कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई।