Murder committed out of greed for money: किराये के मकान में रहने वाली शिक्षिका रजनी बरेठ और उसके नाबालिग बेटे सुजल की हत्या की गुत्थी आखिरकार 13 दिन बाद सुलझ गई है। पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि मृतिका के साथ स्कूल में पढ़ाने वाली एक अन्य शिक्षिका का पति निकला।
एसपी कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी योगेश कुमार पटेल ने पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।
20 लाख का लोन बना मौत की वजह
पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रवेश कुमार, निवासी चोपड़ा कॉलोनी बिश्रामपुर, मूलतः करनाल हरियाणा का रहने वाला है। आरोपी मोटर पार्ट्स का कारोबार करता है और व्यवसाय में भारी घाटे के कारण कर्ज में डूबा हुआ था। इसी दौरान उसे पता चला कि शिक्षिका रजनी ने बैंक से 20 लाख रुपये का लोन लिया है। इसी रकम को हड़पने के लालच में उसने खूनी साजिश रची। चूंकि आरोपी की पत्नी रजनी के साथ ही स्कूल में पढ़ाती थी, इसलिए उसका रजनी के घर आना-जाना लगा रहता था।
पहले मां की, फिर बेटे की हत्या
पुलिस ने बताया कि 9 अक्टूबर को आरोपी अपनी ग्रैंड विटारा कार वॉशिंग सेंटर में धुलने के लिए छोड़कर पैदल रजनी के घर पहुंचा। उस वक्त रजनी स्कूल गई हुई थी और बेटा सुजल घर पर था। शाम को रजनी के लौटने पर आरोपी ने उससे रुपये मांगे। रुपये देने से इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और आरोपी ने घर में रखी स्टील की पानी की बोतल से सिर पर हमला कर बाथरूम में गला दबाकर रजनी की हत्या कर दी और घर पर ताला लगाकर फरार हो गया।
पकड़े जाने के दर से सुजल को भी मारा
आरोपी ने पकड़े जाने के डर से महिला के बेटे सुजल को भी रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने मुंह पर गमछा बांधा और हेलमेट पहनकर रजनी की स्कूटी को NH-43 स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास झाड़ियों में छिपा दिया। फिर अपनी कार लेकर ट्यूशन से लौट रहे सुजल का इंतजार किया।
सुजल के लौटने पर आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को कार में बैठाकर अंबिकापुर ले गया, जहां दोनों ने नाश्ता किया। फिर आरोपी उसे राई जंगल की ओर ले गया। पुलिस के अनुसार, जंगल में बाथरूम जाने के बहाने कार रोककर उसने कपड़े से फंदा बनाकर सुजल का गला कसने का प्रयास किया। सुजल के भागने की कोशिश करने पर आरोपी ने पत्थर से उसके सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को कार में रखकर महाबीरपुर के पास कच्ची सड़क किनारे झाडिय़ों में फेंक दिया और वहां से फरार हो गया।
काली टी-शर्ट और 50 CCTV कैमरों ने खोला राज
पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ था। मोबाइल कॉल डिटेल और पूछताछ से कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इसके बाद बिश्रामपुर से अंबिकापुर तक 50 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले गए। एक फुटेज में मृतिका के घर में काली टी-शर्ट और गमछा ओढ़े संदिग्ध व्यक्ति आता-जाता दिखा, जिसका हुलिया वॉशिंग सेंटर पर कार धुलवाने पहुंचे व्यक्ति से मिल गया। कार नंबर ट्रेस होते ही पुलिस आरोपी तक पहुंच गई। हिरासत में पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
क्या-क्या हुआ बरामद ?
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने ग्रैंड विटारा कार, मृतिका के सोने-चांदी के जेवर, तीन मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम, चेकबुक, वोटर आईडी और हत्या में प्रयुक्त पत्थर व स्टील की बोतल बरामद की है। आरोपी ने खून लगे कार के मैट को जला दिया था।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
आईजी दीपक झा के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, एसडीओपी अभिषेक पैकरा, थाना प्रभारी विकास देशमुख, अमित गुप्ता, साइबर प्रभारी अरुण गुप्ता, करंजी चौकी प्रभारी विशाल मिश्रा सहित दो दर्जन अधिकारियों की टीम ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया। आरोपी को रिमांड पर लिया गया है।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. हत्या किसकी हुई थी?
केशवनगर की शिक्षिका रजनी बरेठ और उसके नाबालिग बेटे सुजल की।
Q2. आरोपी कौन है?
प्रवेश कुमार, चोपड़ा कॉलोनी बिश्रामपुर निवासी, जो पीड़िता के साथ पढ़ाने वाली टीचर का पति है, मूलतः हरियाणा करनाल का है।
Q3. हत्या की वजह क्या थी?
20 लाख रुपये के लोन के लालच में, आरोपी व्यवसाय में घाटे के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।
Q4. पुलिस कैसे आरोपी तक पहुंची?
50 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगालने पर काली टी-शर्ट और गमछा वाले संदिग्ध की पहचान हुई, कार नंबर ट्रेस कर गिरफ्तारी हुई



