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Chhattisgarh News: कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती पर राजभवन का ब्रेक, इंटरव्यू अगले आदेश तक स्थगित, जानें वजह

Chhattisgarh News: दुर्ग स्थित दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजभवन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक पदों पर भर्ती, नियुक्ति और साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अगले […]

Kamdhenu University Durg
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh News: दुर्ग स्थित दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में शैक्षणिक पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजभवन ने बड़ा कदम उठाया है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से 1 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक पदों पर भर्ती, नियुक्ति और साक्षात्कार की पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है।

राजभवन के आदेश में विश्वविद्यालय के भवन निर्माण और रखरखाव से जुड़े कार्यों में कथित अनियमितताओं तथा भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच की प्रगति का भी गहन निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। भर्ती प्रक्रिया को लेकर सामने आई शिकायतों में आरक्षण रोस्टर, बैकलॉग पद, स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति और वेतन संरक्षण सहित कई मुद्दे उठाए गए थे।

शिकायतों पर राज्यपाल ने लिया संज्ञान

राज्यपाल के उप सचिव निषिध साहू की ओर से जारी आदेश के मुताबिक विश्वविद्यालय में भवन निर्माण, रखरखाव कार्य और शैक्षणिक पदों पर भर्ती से संबंधित शिकायतें राजभवन को प्राप्त हुई थीं। शिकायतों में बड़े पैमाने पर कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। इन्हीं शिकायतों को देखते हुए राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने मामले का संज्ञान लिया है।

जांच पूरी होने तक भर्ती रोकने के निर्देश

राजभवन की कार्रवाई से पहले कृषि विकास, किसान कल्याण एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम की ओर से भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर निर्देश जारी किए गए थे। मंत्री स्तर पर सामने आई शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच कराने और जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया को स्थगित रखने के निर्देश दिए गए थे।

रोस्टर और आरक्षण को लेकर उठे सवाल

शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय में आरक्षण रोस्टर के निर्धारण और उसके पालन में नियमों की अनदेखी की गई। शिकायतकर्ताओं ने पूर्व निर्धारित रोस्टर में कथित रूप से बदलाव किए जाने, बैकलॉग पदों को भरने की प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं करने और अलग-अलग विभागों में पदों के निर्धारण को लेकर भी सवाल उठाए थे।

स्वीकृत पदों से अधिक विज्ञापन का आरोप

भर्ती विवाद में यह आरोप भी सामने आया कि विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी परिषद से औपचारिक अनुमति लिए बिना भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके अलावा स्वीकृत पदों की संख्या से अधिक पदों के लिए विज्ञापन जारी किए जाने का भी दावा शिकायतों में किया गया था। इन आरोपों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

विधायक ने राज्यपाल को भेजा था पत्र

भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्थानीय विधायक ने भी 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल को पत्र भेजा था। पत्र में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए गए थे। बताया गया कि क्षेत्र के युवाओं और नागरिकों की ओर से भर्ती प्रक्रिया से संबंधित शिकायतें विधायक के पास पहुंची थीं।

निष्पक्ष चयन एजेंसी से भर्ती की मांग

विधायक की ओर से राज्यपाल को भेजे गए पत्र में भर्ती प्रक्रिया को राज्य लोक सेवा आयोग अथवा किसी अन्य निष्पक्ष प्रदेश स्तरीय चयन एजेंसी के माध्यम से कराने का अनुरोध किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस मांग का उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना बताया गया था।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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