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Mahasamund: शिक्षा विभाग में ऑनलाइन फ्रॉड का मामला उजागर, प्राचार्य समेत 3 निलंबित, जानिए किस तरह की गई धोखाधड़ी 

महासमुंद। शिक्षा विभाग में ऑनलाइन वेतन भुगतान प्रणाली का दुरुपयोग कर लाखों की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर की प्रभारी प्राचार्य समेत 3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आदेश के मुताबिक मुख्य […]

Mahasamund: शिक्षा विभाग में ऑनलाइन फ्रॉड का मामला उजागर, प्राचार्य समेत 3 निलंबित, जानिए किस तरह की गई धोखाधड़ी 
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

महासमुंद। शिक्षा विभाग में ऑनलाइन वेतन भुगतान प्रणाली का दुरुपयोग कर लाखों की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर की प्रभारी प्राचार्य समेत 3 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

आदेश के मुताबिक मुख्य आरोपी सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर ने जुलाई 2024 के वेतन बिल में हेरफेर किया। उसने वास्तविक वेतन-भत्तों में अत्यधिक वृद्धि दिखाकर कोषालय से राशि का आहरण कर लिया। इतना ही नहीं, मई 2025 से जनवरी 2026 तक लगातार 9 महीनों तक ऑनलाइन ई-बिल सिस्टम में मूल वेतन और भत्तों को बढ़ाकर फर्जी बिल तैयार किए और भुगतान करा लिया। इसे विभाग ने फ्रॉड और शासकीय धन को सुनियोजित तरीके से नुकसान पहुंचाना बताया है।

प्रभारी प्राचार्य समेत 3 पर गिरी गाज

इस पूरे फर्जीवाड़े में मिलीभगत और लापरवाही के आरोप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर की प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को भी निलंबित किया गया है। संचालनालय ने तीनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत कार्रवाई की है। निलंबन अवधि में इन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

ई-बिल सिस्टम बना फ्रॉड का हथियार

बताया जा रहा है कि शासन ने पारदर्शिता के लिए ई-बिल और ऑनलाइन ट्रेजरी सिस्टम लागू किया है, लेकिन उसी सिस्टम की खामी का फायदा उठाकर कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाकर आहरण कर लिया। अब शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में वेतन देयकों के ऑडिट के निर्देश दिए हैं ताकि ऐसे और मामलों का पता लगाया जा सके।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: 

Q1. महासमुंद में शिक्षा विभाग में फ्रॉड का मामला क्या है?

— शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिरपुर में सहायक ग्रेड-2 ने ऑनलाइन ई-बिल सिस्टम में वेतन-भत्ते बढ़ाकर शासकीय राशि का गबन किया, जिसे फ्रॉड और शासकीय नियमों की उपेक्षा बताया गया है।

Q2. किस तरह की धोखाधड़ी की गई?

— जुलाई 2024 के वेतन देयक में अत्यधिक वृद्धि कर कोषालय से आहरण किया गया, फिर मई 2025 से जनवरी 2026 तक लगातार मूल वेतन और भत्तों में फर्जी बढ़ोतरी कर ई-बिल के जरिए भुगतान कराया गया।

Q3. किन-किन को निलंबित किया गया है?

— प्रभारी प्राचार्य उमा ठाकुर, सहायक ग्रेड-2 नारायण प्रसाद निर्मलकर (मुख्य आरोपी) और सहायक ग्रेड-2 अकील मोहम्मद खान को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

Q4. किस नियम के तहत कार्रवाई हुई?

— तीनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई लोक शिक्षण संचालनालय ने की है।

Q5. निलंबन के बाद क्या होगा?

— निलंबन अवधि में तीनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा और विभाग ने पूरे मामले की विस्तृत जांच व अन्य जिलों में वेतन बिलों के ऑडिट के निर्देश दिए हैं।

Shami Imam
लेखक / पत्रकार:

Shami Imam

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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