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Paper Leak Case: 8 साल में नहीं हुआ पेपर लीक, NTA का दावा, संसदीय समिति ने उठाए सवाल

India Paper Leak Case: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गठन के बाद वर्ष 2017 से 2025 तक उसका कोई पेपर लीक नहीं हुआ। हालांकि, परीक्षाओं में धांधली और बाधाएं आने की बात स्वीकार की गई है। संसद की स्थायी समिति ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए […]

NTA Exam Paper Leak Controversy
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

India Paper Leak Case: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के गठन के बाद वर्ष 2017 से 2025 तक उसका कोई पेपर लीक नहीं हुआ। हालांकि, परीक्षाओं में धांधली और बाधाएं आने की बात स्वीकार की गई है। संसद की स्थायी समिति ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए अपनी रिपोर्ट में बताया कि NTA से जुड़े 474 मामले अदालतों में लंबित हैं।

राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने NTA की वार्षिक रिपोर्ट 2024-25 का हवाला दिया है। इसके मुताबिक, एजेंसी से जुड़े 474 मामले अदालतों में चल रहे हैं, जिनमें कुछ मामलों में NTA स्वयं याचिकाकर्ता है। अकेले 2024 में NEET परीक्षा को लेकर 356 मामले दर्ज हुए, जबकि NTA से जुड़े 69 मामले सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

NEET पेपर लीक मामले में अगली सुनवाई गुरुवार को

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET पेपर लीक मामले में बुधवार को दिल्ली की अदालत में आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी उर्फ राज सूर्यवंशी के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने आरोपी के वकील को आरोपपत्र की प्रति देने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को निर्धारित की गई है।

अभ्यर्थियों को पेपर देकर पैसे वसूलने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, महाराष्ट्र के नांदेड़ निवासी सूर्यवंशी, सह-आरोपी शुभम खैरनार का सहयोगी है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर NEET का प्रश्नपत्र कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया और इसके बदले पैसे वसूले। सूर्यवंशी ने कथित तौर पर अभ्यर्थियों को नांदेड़ बुलाकर प्रश्नपत्र दिया और भुगतान सुनिश्चित करने के लिए उनकी मूल शैक्षणिक अंकसूची तथा पहचान-पत्र अपने पास रख लिए थे।

NEET परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा

NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इसमें करीब 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। NTA के अनुसार, 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने का फैसला लिया गया। 21 जून को पुनर्परीक्षा हुई। इस मामले की जांच CBI कर रही है और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

NTA को सभी मामलों की स्थिति सार्वजनिक करने की सिफारिश

संसदीय समिति ने चिंता जताई कि प्रश्नपत्र लीक, प्राथमिकी और CBI सहित दूसरी जांच एजेंसियों के पास लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। समिति ने सिफारिश की है कि उच्च शिक्षा विभाग, संबंधित सरकारी विभागों और जांच एजेंसियों के सहयोग से NTA एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करे। इसमें प्रश्नपत्र लीक से जुड़े मामलों, दर्ज प्राथमिकी और जांच की मौजूदा स्थिति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

पेपर लीक के मामलों के बाद 2024 में बना कानून

वर्ष 2024 में NEET-UG सहित विभिन्न परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर देशभर में विवाद हुआ था। इसके बाद संसद ने लोक परीक्षा अधिनियम, 2024 पारित किया। संसदीय समिति की रिपोर्ट में भी 2024 की अनियमितताओं का उल्लेख प्रश्नपत्र लीक मामले के रूप में किया गया है। समिति ने कानून लागू होने के बाद विभिन्न परीक्षाओं में दर्ज प्राथमिकी का ब्योरा भी दिया है।

CSIR-UGC NET, JEE और NEET में दर्ज हुईं प्राथमिकी

रिपोर्ट के अनुसार, CSIR-UGC NET को लेकर 2025 में एक प्राथमिकी दर्ज हुई। JEE मेन के संबंध में 2026 में तीन प्राथमिकी दर्ज की गईं। वहीं, NEET-UG के मामलों में 2024 में 14 और 2025 में एक प्राथमिकी दर्ज होने का उल्लेख किया गया है। समिति ने इन आंकड़ों के आधार पर परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक करने की जरूरत पर जोर दिया है।

राधाकृष्णन समिति ने NTA सुधार के लिए दी थीं 101 सिफारिशें

केंद्र सरकार ने 22 जून 2024 को पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति को NTA की परीक्षा प्रणाली में सुधार, प्रश्नपत्र लीक और दूसरी अनियमितताओं को रोकने के उपाय सुझाने की जिम्मेदारी दी गई थी। समिति ने कुल 101 सिफारिशें प्रस्तुत की थीं, जिनका उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना था।

Naveen Kumar Sahu
लेखक / पत्रकार:

Naveen Kumar Sahu

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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