Nobel Prize 2026: वर्ष 2026 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार फ्रांसिस हैल्जेन को दिया गया है। रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने उन्हें आइसक्यूब न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी में निर्णायक योगदान और खगोलीय स्रोतों से आने वाले उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो की खोज के लिए सम्मानित किया है। हैल्जेन बेल्जियम में जन्मे भौतिक विज्ञानी हैं और यूनिवर्सिटी ऑफ विस्कॉन्सिन-मैडिसन से जुड़े हैं।
न्यूट्रिनो बेहद हल्के और बहुत कम प्रतिक्रिया करने वाले कण हैं। ये सूर्य, तारों और ब्रह्मांड की अत्यंत ऊर्जावान घटनाओं से निकलते हैं और बड़ी मात्रा में पृथ्वी से होकर गुजरते हैं। इनका अध्ययन वैज्ञानिकों को उन दूरस्थ खगोलीय घटनाओं के बारे में जानकारी दे सकता है, जहां से ये कण निकलते हैं।
एक घन किलोमीटर बर्फ में लगाए गए सेंसर
हैल्जेन की वैज्ञानिक दृष्टि का अहम हिस्सा यह था कि दक्षिणी ध्रुव की प्राकृतिक बर्फ को विशाल न्यूट्रिनो डिटेक्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाए। इसी विचार से आइसक्यूब परियोजना आगे बढ़ी। बर्फ के भीतर बेहद गहराई पर लगाए गए प्रकाश सेंसर न्यूट्रिनो के पदार्थ से टकराने पर पैदा होने वाली विशेष चमक को दर्ज करते हैं।
न्यूट्रिनो से ब्रह्मांड को देखने की नई खिड़की
आइसक्यूब ने वैज्ञानिकों को पारंपरिक प्रकाश आधारित खगोलीय अवलोकन से अलग एक नया तरीका दिया। उच्च-ऊर्जा न्यूट्रिनो की दिशा और ऊर्जा का अध्ययन करके वैज्ञानिक उनके संभावित खगोलीय स्रोतों और ब्रह्मांड में होने वाली बेहद शक्तिशाली घटनाओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं।
1980 के दशक से शुरू हुआ था प्रयोग
हैल्जेन ने 1980 के दशक के अंत में दक्षिणी ध्रुव पर न्यूट्रिनो दूरबीन विकसित करने की दिशा में काम शुरू किया था। आइसक्यूब से पहले एएमएंडए प्रयोग इसके शुरुआती चरणों में महत्वपूर्ण रहा। बाद में आइसक्यूब ने लगभग एक घन किलोमीटर अंटार्कटिक बर्फ को न्यूट्रिनो डिटेक्टर में बदल दिया।
ब्रह्मांड के स्रोतों तक पहुंचने में मिली मदद
न्यूट्रिनो बेहद कम पदार्थों से टकराते हैं, इसलिए वे अपने स्रोत से पृथ्वी तक पहुंचते समय अपेक्षाकृत कम प्रभावित होते हैं। आइसक्यूब से मिली जानकारी ने दूर की आकाशगंगाओं, ब्लैक होल और अन्य शक्तिशाली खगोलीय स्रोतों के अध्ययन में नई संभावनाएं खोली हैं।
2025 का भौतिकी नोबेल किसे मिला था?
2025 का भौतिकी नोबेल जॉन क्लार्क, मिशेल एच. डेवोरेट और जॉन एम. मार्टिनिस को दिया गया था। उन्हें विद्युत परिपथ में स्थूल स्तर पर क्वांटम यांत्रिक टनलिंग और ऊर्जा के क्वांटीकरण की खोज के लिए सम्मानित किया गया था।



