Crispy Pakora Tips: शाम की चाय के साथ गरमा-गरम पकौड़े खाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन कई बार ये पकौड़े तलने के थोड़ी देर बाद ही नरम और बेस्वाद हो जाते हैं। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो कुछ आसान किचन टिप्स अपनाकर पकौड़ों को लंबे समय तक क्रिस्पी बनाए रख सकते हैं।
सही सामग्री और सही तरीकों का इस्तेमाल करके आप इन्हें एकदम हलवाई जैसे कुरकुरे तैयार कर सकते हैं।
बेसन में मिलाएं चावल का आटा
पकौड़ों के बैटर में चावल का आटा मिलाने से उन्हें लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखने में मदद मिलती है। इसके लिए 1 कप बेसन में 2 से 3 बड़े चम्मच चावल का आटा मिलाएं। अगर बेसन की मात्रा बढ़ाते हैं तो चावल के आटे की मात्रा भी उसी अनुपात में बढ़ाएं। हालांकि ध्यान रखें कि चावल के आटे का स्वाद बेसन से ज्यादा न हो।
कॉर्नफ्लोर से आएगी क्रिस्पीनेस
पकौड़ों को क्रिस्पी बनाने के लिए बेसन में कॉर्नफ्लोर भी मिलाया जा सकता है। 1 कप बेसन में 2 से 3 चम्मच कॉर्नफ्लोर और 1 छोटा चम्मच गर्म तेल मिलाएं। यह तरीका पकौड़ों को बाहर से कुरकुरा और अंदर से नरम बनाए रखने में मदद करता है। कॉर्नफ्लोर की मात्रा ज्यादा न रखें। ज्यादा कॉर्नफ्लोर डालने से पकौड़े जरूरत से ज्यादा कड़े हो सकते हैं।
बैटर के लिए इस्तेमाल करें ठंडा पानी
बेसन का बैटर तैयार करते समय ठंडे पानी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। इससे तलते समय बेसन का घोल कम तेल सोख सकता है। इससे पकौड़ों की बनावट पर भी असर पड़ता है। बैटर बनाते समय पानी की मात्रा का ध्यान रखें। घोल में जरूरत से ज्यादा पानी नहीं होना चाहिए।
बेकिंग सोडा और अरारोट भी आएगा काम
बेसन के घोल में चुटकी भर बेकिंग सोडा और 1 चम्मच अरारोट पाउडर मिलाया जा सकता है। बेकिंग सोडा पकौड़ों को फूलने में मदद करता है। वहीं, अरारोट पाउडर पकौड़ों को क्रिस्पी बनाने में मदद करता है। इन चीजों की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है, ताकि बैटर का संतुलन बना रहे।
पकौड़ों के नरम होने की वजह क्या है?
पकौड़े तलने के बाद जब ठंडे होने लगते हैं तो उनके अंदर की भाप बाहर निकलती है। प्लेट या पेपर टॉवल पर रखते समय यह भाप नीचे फंस सकती है। इसी वजह से पकौड़ों का निचला हिस्सा नरम पड़ने लगता है। इसलिए बैटर में चावल का आटा, कॉर्नफ्लोर, ठंडा पानी, बेकिंग सोडा और अरारोट पाउडर जैसे विकल्पों का सही मात्रा में इस्तेमाल करके पकौड़ों को ज्यादा देर तक कुरकुरा रखने की कोशिश की जा सकती है।



