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CMO की पोस्ट पर जेल से अपराधी कर रहे तारीफ! जानिए क्या है पूरा मामला ?

CMO Social Media Controversy: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सोशल मीडिया अकाउंट पर किए गए पोस्ट की तारीफ जेल से की जा रही है। जी हां, सुनने में तो थोड़ा अटपटा लगेगा कि जेल में तो मोबाइल प्रतिबंधित है, फिर भी यह कैसे संभव है। आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है पूरा मामला। […]

CM Sai Social Media
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

CMO Social Media Controversy: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सोशल मीडिया अकाउंट पर किए गए पोस्ट की तारीफ जेल से की जा रही है। जी हां, सुनने में तो थोड़ा अटपटा लगेगा कि जेल में तो मोबाइल प्रतिबंधित है, फिर भी यह कैसे संभव है। आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है पूरा मामला।

दरअसल, कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सोशल मीडिया अकाउंट पर युक्तियुक्तकरण को लेकर एक पोस्ट की गई। जिसमें सुशासन की सरकार में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने की बात लिखी थी। इस पर ‘चंदन’ और ‘चंदू’ नाम के एक फेसबुक प्रोफाइल से सरकार की योजनाओं की तारीफ की गई। कमेंट में शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को बेहद सकारात्मक कदम बताया गया। चंदू की प्रोफाइल में जो फोटो लगाई गई है, वह साहिल नाम के हत्या के आरोपी है।

जानिए कौन है साहिल?

जिस साहिल की तस्वीर चंदन की प्रोफाइल में थी, वह साहिल शुक्ला मेरठ के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आरोपी है। इस मामले में मुस्कान रस्तोगी भी आरोपी है। पुलिस के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या के बाद शव को ड्रम में छिपाया गया था। इसी वजह से यह मामला ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हुआ। नीले ड्रम के केस का यह आरोपी पिछले कई महीने से जेल में है और राम-रहीम की तरह पैरोल पर बाहर भी नहीं आया है।

जांच, पड़ताल के बाद बदले नाम, फोटो

टीआरपी की टीम ने जब इस पूरे मामले की खोजबीन की तो मामला ऊपर तक पहुंचा और प्रोफाइल की तस्वीर बदल गई। साथ ही नाम भी बदल दिया गया। इतना ही नहीं, उक्त कमेंट को भी कमेंट बॉक्स से हटा दिया गया।

एजेंसी पर उठ रहे सवाल

अब सवाल उठता है कि सीएम साय के सोशल मीडिया अकाउंट की हैंडलिंग के लिए रखी गई एजेंसी सीधे तौर पर फर्जीवाड़े को अंजाम दे रही है। सीएम के सोशल मीडिया हैंडलिंग के लिए एजेंसी को लगभग एक करोड़ रुपए का भुगतान भी किया जाता है। ऐसे में पैसे लेकर अपने ही लोगों या फिर फर्जी लोगों से महिमामंडन करवाकर एजेंसी की ओर से सरकार को चूना लगाया जा रहा है।

16 फेसबुक आईडी, 200 से भी कम फॉलोवर्स

सीएमओ के सोशल मीडिया पोस्ट के कमेंट बॉक्स की पड़ताल में कई ऐसे फेसबुक प्रोफाइल भी सामने आए, जिनसे सरकार की योजनाओं और फैसलों की तारीफ की गई। टीआरपी की पड़ताल के मुताबिक, ऐसी करीब 16 फेसबुक आईडी मिली हैं। खास बात यह है कि इन सभी प्रोफाइल को मिलाकर भी फॉलोवर्स की संख्या 200 से कम है। इनमें कुछ प्रोफाइल पर एक, दो या 10 फॉलोवर्स दिखाई देते हैं, जबकि कुछ आईडी ऐसी भी हैं जिन पर फॉलोवर्स की संख्या शून्य है। पड़ताल में यह भी सामने आया कि कई प्रोफाइल पर कोई नियमित पोस्ट या सामान्य गतिविधि नजर नहीं आती। इससे इन अकाउंट्स के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

क्या ये वास्तविक यूजर हैं?

इन आईडी में कुछ प्रोफाइल बस्तर अंचल के आदिवासी लोगों के नाम और तस्वीरों से जुड़ी दिखाई देती हैं। हालांकि, केवल प्रोफाइल की जानकारी के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इन्हें किसने बनाया या संचालित किया। सबसे अहम सवाल यही है कि क्या ये वास्तविक यूजर हैं और उन्होंने खुद सरकार की योजनाओं पर कमेंट किया, या फिर इन प्रोफाइल का इस्तेमाल किसी खास उद्देश्य के लिए किया गया? इसकी स्वतंत्र जांच और संबंधित एजेंसी की सफाई से ही तस्वीर साफ हो सकती है।

Nikhil Singh
लेखक / पत्रकार:

Nikhil Singh

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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