Diwali Sweets: दिवाली पर घर में मिठाइयां आना आम बात है। इस दौरान लोग बर्फी, लड्डू, रसगुल्ले और दूसरी मिठाइयां खरीदते हैं। लेकिन त्योहार के समय मिलावटी और दूषित मिठाइयों का खतरा भी बढ़ जाता है।
ऐसी मिठाइयां खाने से फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, ताजगी और पैकेट पर दी गई जानकारी जरूर जांचें।
मिठाइयों में हो सकती है खतरनाक मिलावट
ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए कुछ दुकानदार मिठाइयों में मिलावट कर सकते हैं। मावा में स्टार्च, चावल या गेहूं का आटा और दूसरे पदार्थ मिलाए जा सकते हैं। वहीं, शुद्ध घी की जगह वनस्पति या पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जा सकता है। मिठाइयों को आकर्षक दिखाने के लिए कुछ जगह प्रतिबंधित या असुरक्षित रंगों का इस्तेमाल भी किया जाता है। इसके अलावा चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम फॉयल लगाए जाने की आशंका रहती है। ऐसी मिलावट सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
असली और अच्छी मिठाई खरीदने के लिए अपनाएं ये 5 तरीके
दिवाली पर मिठाई खरीदते समय कुछ छोटी-छोटी सावधानियां आपको मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों से बचाने में मदद कर सकती हैं।
- बहुत चमकीली मिठाई से बचें: जरूरत से ज्यादा चमकीले और गहरे रंग वाली मिठाइयां खरीदने से बचें। इनमें हानिकारक रंगों का इस्तेमाल हो सकता है।
- खुशबू और ताजगी जांचें: मिठाई खरीदने से पहले उसकी खुशबू और ताजगी पर ध्यान दें।
- एक्सपायरी डेट देखें: पैक्ड मिठाई खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट और FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर जांचें।
- साफ दुकान से खरीदें: हमेशा साफ-सुथरी दुकान से मिठाई खरीदें। वहां रखी मिठाइयों की स्वच्छता पर भी ध्यान दें।
- खुली और गंदी मिठाई न लें: मक्खियों के आसपास रखी या गंदगी के संपर्क में आने वाली मिठाइयों से दूर रहें।
मिलावटी मिठाई खाने से हो सकते हैं फूड पॉइजनिंग के ये लक्षण
- दूषित मिठाई खाने से साल्मोनेला, ई. कोलाई और नोरोवायरस जैसे संक्रमण हो सकते हैं। इनके लक्षण कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों के भीतर दिखाई दे सकते हैं।
- फूड पॉइजनिंग होने पर पेट दर्द, पेट में ऐंठन, दस्त, उल्टी और जी मिचलाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके अलावा बुखार, ठंड लगना और कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
- ऐसी स्थिति में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा रहता है। इसलिए पर्याप्त पानी और ओआरएस लेना जरूरी है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
फूड पॉइजनिंग के कुछ लक्षण गंभीर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में घरेलू उपायों के भरोसे रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
- उल्टी या मल में खून आना।
- तेज बुखार होना।
- लगातार उल्टी होना और पानी भी पेट में न टिकना।
- पेशाब कम होना, मुंह सूखना या चक्कर आना।
- धुंधला दिखाई देना।
- मांसपेशियों में कमजोरी या निगलने में परेशानी होना।
- तीन दिन से ज्यादा दस्त बने रहना।
- इनमें से कोई भी गंभीर लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय मदद लेने में देरी न करें।
मिलावटी मिठाई की शिकायत कहां करें?
दिवाली पर मिठाई खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर किसी मिठाई में मिलावट का शक हो, तो उसे खाने से बचें। ऐसी शिकायत FSSAI या नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर की जा सकती है। त्योहार की खुशियों के बीच सेहत को नजरअंदाज न करें। मिठाई खरीदते समय थोड़ी सावधानी बरतने से दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से बचने में मदद मिल सकती है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा संबंधी जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मिठाइयों में मिलावट की पहचान केवल देखकर या सूंघकर हमेशा संभव नहीं होती। फूड पॉइजनिंग के लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लें। मिलावट का संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।



