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Swine Flu False Negative Report: क्या स्वाइन फ्लू रिपोर्ट निगेटिव होने पर भी शुरू हो सकता है इलाज? जानिए मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय

Doctor collecting nasal swab sample from patient for swine flu H1N1 RT-PCR test
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Swine Flu False Negative Report: स्वाइन फ्लू यानी Influenza A/H1N1 की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि मरीज को फ्लू नहीं है। कुछ जांचों में वायरस की पहचान न होने के बावजूद मरीज में फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं।

खासकर rapid influenza test में false negative की संभावना रहती है। ऐसे में डॉक्टर केवल रिपोर्ट नहीं, बल्कि मरीज के लक्षण, बीमारी की अवधि और उसकी हालत को भी देखते हैं।

निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी बीमारी कैसे?

फ्लू की जांच में अलग-अलग तरह के टेस्ट इस्तेमाल होते हैं। Rapid Influenza Diagnostic Test यानी RIDT वायरस के एंटीजन की पहचान करता है। यह टेस्ट जल्दी रिपोर्ट देता है, लेकिन molecular test की तुलना में इसकी sensitivity कम हो सकती है। इसलिए रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी कुछ मरीजों में Influenza मौजूद हो सकता है। इसे false negative कहा जाता है। यानी मरीज संक्रमित है, लेकिन जिस सैंपल की जांच हुई उसमें वायरस की मात्रा इतनी नहीं थी कि टेस्ट उसे पकड़ सके।

टेस्ट कब कराया गया, यह भी अहम

जांच का समय भी रिपोर्ट पर असर डाल सकता है। बीमारी शुरू होने के शुरुआती दिनों में श्वसन तंत्र में वायरस की मात्रा अधिक हो सकती है। समय बीतने के साथ ऊपरी श्वसन तंत्र में वायरस की मौजूदगी कम हो सकती है। ऐसे में बाद में लिया गया सैंपल निगेटिव आ सकता है, जबकि मरीज में फ्लू की बीमारी मौजूद हो। CDC के मुताबिक respiratory sample बीमारी शुरू होने के जितना करीब लिया जाए, वायरस का पता लगाने की संभावना उतनी बेहतर रहती है।

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Rapid Test और RT-PCR में क्या अंतर?

Rapid influenza test जल्दी परिणाम देता है, लेकिन इसकी sensitivity molecular tests से कम हो सकती है। दूसरी ओर RT-PCR और दूसरे molecular tests वायरस के genetic material की पहचान करते हैं और आम तौर पर ज्यादा sensitive होते हैं। इसलिए अगर मरीज में फ्लू के लक्षण हैं और rapid test निगेटिव आया है, तो डॉक्टर जरूरत के मुताबिक molecular test कराने पर विचार कर सकते हैं। CDC भी ऐसे मामलों में clinical suspicion ज्यादा होने पर आगे की जांच की सलाह देता है।

कौन से लक्षण फ्लू की तरफ इशारा करते हैं?

फ्लू में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, शरीर में दर्द, सिरदर्द, ठंड लगना और थकान जैसे लक्षण हो सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों से अकेले यह तय नहीं किया जा सकता कि मरीज को Influenza ही है, क्योंकि कई दूसरे respiratory viruses भी इसी तरह के लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसी वजह से डॉक्टर मरीज की पूरी clinical स्थिति को देखते हैं। कुछ मामलों में फ्लू की पुष्टि के लिए टेस्ट जरूरी हो सकता है, जबकि कुछ परिस्थितियों में लक्षणों और आसपास फ्लू के संक्रमण की स्थिति को देखकर clinical diagnosis किया जा सकता है।

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निगेटिव रिपोर्ट के बाद डॉक्टर क्या कर सकते हैं?

अगर मरीज में फ्लू का संदेह बना हुआ है, तो डॉक्टर आगे की जांच की सलाह दे सकते हैं। इसमें molecular influenza test या RT-PCR शामिल हो सकता है। जरूरत पड़ने पर दूसरे respiratory infections की भी जांच की जा सकती है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों में केवल एक निगेटिव rapid test के आधार पर फ्लू की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जाता। खासकर अस्पताल में भर्ती मरीजों और निचले श्वसन तंत्र से जुड़ी बीमारी में डॉक्टर अतिरिक्त जांच पर विचार कर सकते हैं।

क्या RT-PCR निगेटिव आए तो फ्लू नहीं हो सकता?

RT-PCR और दूसरे molecular tests ज्यादा sensitive होते हैं, इसलिए इनके निगेटिव आने पर फ्लू की संभावना कम होती है। लेकिन CDC के अनुसार false negative यहां भी पूरी तरह असंभव नहीं है। गलत तरीके से सैंपल लिया जाना, सैंपल की गुणवत्ता, बीमारी के किस चरण में जांच हुई और वायरस का उस सैंपल में detectable नहीं होना जैसे कारण परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए बीमारी के लक्षण और मरीज की हालत के हिसाब से डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दोबारा या दूसरे respiratory sample की जांच कराने का फैसला कर सकते हैं।

सबसे जरूरी बात

स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद खुद से यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि फ्लू बिल्कुल नहीं है। खासकर rapid test निगेटिव होने पर और लक्षण बने रहने या बिगड़ने की स्थिति में डॉक्टर से दोबारा सलाह लेना जरूरी है। सांस लेने में परेशानी, लगातार बिगड़ती हालत या गंभीर respiratory symptoms हों तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। इलाज और आगे की जांच का फैसला डॉक्टर मरीज की स्थिति के आधार पर करते हैं।

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5 FAQs

1. क्या स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भी बीमारी हो सकती है?
हां। खासकर rapid influenza test में false negative आ सकता है।

2. स्वाइन फ्लू में कौन सा टेस्ट ज्यादा सटीक होता है?
Molecular tests और RT-PCR आम तौर पर rapid antigen tests की तुलना में ज्यादा sensitive होते हैं।

3. Rapid flu test निगेटिव क्यों आ सकता है?
सैंपल में वायरस की मात्रा कम होना, बीमारी के चरण और सैंपल कलेक्शन जैसे कारणों से false negative हो सकता है।

4. क्या लक्षणों के आधार पर डॉक्टर स्वाइन फ्लू का संदेह कर सकते हैं?
हां। डॉक्टर लक्षणों, बीमारी की अवधि और मरीज की clinical स्थिति को देखकर फ्लू का clinical diagnosis कर सकते हैं।

5. निगेटिव रिपोर्ट के बाद भी लक्षण बने रहें तो क्या करें?
डॉक्टर से दोबारा सलाह लें। जरूरत पड़ने पर molecular test या अन्य respiratory infections की जांच की जा सकती है।