MP News: मध्य प्रदेश के खरगोन-बड़वानी से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद गजेंद्र सिंह पटेल का एक नया बयान सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। कालिका माता मंदिर परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान सांसद पटेल ने ‘हम दो-हमारे पांच’ का नया नारा दिया।
उन्होंने अपने संबोधन में हिंदू परिवारों से आग्रह किया कि वे जनसांख्यिकीय संतुलन को बनाए रखने के लिए कम से कम पांच बच्चे पैदा करें।
जनसंख्या संतुलन और भविष्य की चिंता
शुक्रवार रात नवरात्र के उपरांत होने वाले भंडारे की तैयारियों को लेकर इस विशेष बैठक का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक राजन मंडलोई और पूर्व मंत्री प्रेमसिंह पटेल सहित कई अन्य प्रमुख जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने तर्क दिया कि यदि जन्म दर और जनसंख्या का संतुलन इसी तरह बिगड़ता रहा, तो भविष्य में हिंदू समाज अल्पसंख्यक श्रेणी में आ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने परिवार विस्तार की सलाह दी।
युवाओं के लिए अखाड़े जाने और योग की अपील
केवल जनसंख्या ही नहीं, बल्कि सांसद पटेल ने युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर दिया। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे आधुनिक जिम जाने के बजाय योग को अपनाएं और पारंपरिक अखाड़ों में जाकर कसरत करें। उनके अनुसार, अखाड़ों के प्रोत्साहन से युवाओं में शारीरिक सामर्थ्य के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों से निपटने और आत्मरक्षा की क्षमता भी बेहतर तरीके से विकसित होगी।
कुरीतियों के खात्मे और नशे से दूर रहने का संदेश
अपने संबोधन को आगे बढ़ाते हुए सांसद ने समाज में फैली कुरीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने विशेष रूप से दहेज प्रथा और मदिरापान (नशे) जैसी सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया। सांसद ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से पूरी तरह दूर रहें और एक अनुशासित तथा आरोग्यपूर्ण जीवनशैली को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
सनातन संस्कृति और आत्मरक्षा का अधिकार
सनातन संस्कृति का हवाला देते हुए सांसद पटेल ने कहा कि हमारे देवी-देवताओं के चित्रों में भी एक हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में और दूसरा हाथ शस्त्र के साथ दिखाई देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विषम परिस्थितियों में राष्ट्र, समाज और स्वयं की सुरक्षा के लिए देश का कानून भी आत्मरक्षा का अधिकार प्रदान करता है। अंत में उन्होंने सभी से समाज में आपसी सहयोग, सद्भाव और अटूट एकजुटता बनाए रखने का अनुरोध किया।



