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क्या अब 30 या 20 साल के बाद भी ले सकेंगे लॉ में एडमिशन? जानिए BCI के नए फैसले की पूरी डिटेल

क्या अब 30 या 20 साल के बाद भी ले सकेंगे लॉ में एडमिशन? जानिए BCI के नए फैसले की पूरी डिटेल
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • BCI Law Admission Age Limit Removed: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने लॉ कोर्सेज (LL.B.) में एडमिशन को लेकर बड़ा फैसला किया है।
  • तय अधिकतम उम्र सीमा को हटाने का फैसला किया है।
  • बीसीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि उसने दाखिले की ऊपरी उम्र सीमा हटाने से जुड़ा एक प्रस्ताव पास कर दिया है।
  • चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के सामने बीसीआई के वकील ने यह जानकारी दी।

BCI Law Admission Age Limit Removed: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने लॉ कोर्सेज (LL.B.) में एडमिशन को लेकर बड़ा फैसला किया है। तय अधिकतम उम्र सीमा को हटाने का फैसला किया है। बीसीआई ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि उसने दाखिले की ऊपरी उम्र सीमा हटाने से जुड़ा एक प्रस्ताव पास कर दिया है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के सामने बीसीआई के वकील ने यह जानकारी दी। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 5 नवंबर को एक प्रस्ताव पास करके उम्र की पाबंदी हटा ली गई है। शीर्ष अदालत ने इस बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए लॉ एडमिशन में उम्र सीमा को चुनौती देने वाली याचिका को बंद कर दिया।

क्या थे पुराने नियम और कितना था विवाद?

बीसीआई के ‘लीगल एजुकेशन रूल्स, 2008 के तहत 5 साल के इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स में एडमिशन के लिए जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 20 साल तय की गई थी, जबकि आरक्षित वर्गों को 5 साल की छूट थी। वहीं, 3 साल के लॉ कोर्स के लिए ऊपरी सीमा 30 साल रखी गई थी, जिसमें आरक्षित वर्गों को भी 5 साल की छूट दी गई थी। उम्र की यह पाबंदी लंबे समय से कानूनी विवादों में रही। बीसीआई ने 2013 में 2008 के नियमों के शेड्यूल III के क्लॉज-28 (उम्र सीमा तय करने वाला नियम) को वापस ले लिया था, क्योंकि एक कमेटी ने पाया था कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) का उल्लंघन करता है। हालांकि, बाद में कानूनी मामलों के बीच बीसीआई ने सितंबर 2016 में एक सर्कुलर जारी कर इस पाबंदी को दोबारा लागू कर दिया था, जिसे अलग-अलग अदालतों में चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर बीसीआई ने लिया फैसला

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में यह सवाल उठाया गया था कि क्या बीसीआई के पास कानूनी शिक्षा को रेगुलेट करते समय एडमिशन के लिए ऊपरी उम्र सीमा तय करने का अधिकार है। सितंबर में सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने बीसीआई से 5 साल के इंटीग्रेटेड एलएलबी में एडमिशन के लिए तय उम्र सीमा हटाने पर विचार करने को कहा था।इसके बाद बीसीआई ने विचार करने का समय मांगा था और 5 नवंबर को इस रोक को हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया बयान

शुक्रवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वरिष्ठ वकील जोहेब हुसैन ने अदालत से बीसीआई के सर्कुलर को स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड में दर्ज करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि पहले भी बीसीआई ने रोक हटाकर दोबारा लागू कर दी थी, लेकिन इस बार बीसीआई ने अपने प्रस्ताव में ‘आखिरकार’ (finally) शब्द का इस्तेमाल किया है। बीसीआई के वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रस्ताव हाल ही में पास हुआ है, इसलिए वे इसे जल्द औपचारिक रूप से फाइल कर देंगे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बीसीआई की बात को रिकॉर्ड में दर्ज करते हुए मामले की सुनवाई पूरी की और याचिका को बंद कर दिया।

Deeksha Mishra
लेखक / पत्रकार:

Deeksha Mishra

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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