Dr Sanjeev Kumar: बिहार के पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से हराकर चुनाव जीत लिया है। 28 अक्टूबर 2026 को सामने आए चुनावी नतीजे में डॉ. संजीव कुमार को 4,487 वोट मिले, जबकि नवल किशोर यादव को 3,430 मत प्राप्त हुए।
इस जीत के साथ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लगातार पांच चुनाव जीत चुके नवल किशोर यादव का सिलसिला टूट गया। चुनावी सफलता के बाद अब डॉ. संजीव कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि, मेडिकल करियर और संपत्ति को लेकर भी चर्चा हो रही है।
कौन हैं राजद के डॉ. संजीव कुमार?
डॉ. संजीव कुमार का संबंध बिहार के खगड़िया जिले के एक राजनीतिक परिवार से है। उनका जन्म 1979 में हुआ था। वह पूर्व मंत्री और पांच बार विधायक रह चुके डॉ. रामानंद प्रसाद सिंह (आरएन सिंह) के बेटे हैं। पारिवारिक राजनीतिक पृष्ठभूमि के बीच डॉ. संजीव कुमार ने भी राजनीति में अपनी जगह बनाई। वर्ष 2020 में उन्होंने परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक का चुनाव जीता था। अब पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में एक और उपलब्धि जोड़ी है।
मुंबई से की MBBS की पढ़ाई, पटना में चलाते हैं डायग्नोस्टिक सेंटर
राजनीति में सक्रिय होने से पहले डॉ. संजीव कुमार ने मेडिकल की पढ़ाई की। उन्होंने मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल अस्पताल और सेठ जीएस मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की। मेडिकल क्षेत्र में काम करने के साथ वह पटना में अपना डायग्नोस्टिक सेंटर भी चलाते हैं। उनके पेशेवर अनुभव का संबंध स्वास्थ्य सुविधाओं और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े मुद्दों से भी रहा है।
4,487 वोट पाकर जीते डॉ. संजीव कुमार
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में डॉ. संजीव कुमार ने कुल 4,487 मत हासिल किए। भाजपा के नवल किशोर यादव को 3,430 वोट मिले। इस तरह दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 1,057 मतों का रहा। जनसुराज की प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति तीसरे स्थान पर रहीं। नतीजे ने इस सीट पर लंबे समय से चले आ रहे चुनावी क्रम को बदल दिया है।
नवल किशोर यादव का लगातार जीतने का सिलसिला टूटा
नवल किशोर यादव पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पांच बार चुनाव जीत चुके थे। लंबे समय से इस सीट पर उनका प्रभाव रहा था। इस बार डॉ. संजीव कुमार ने उन्हें पराजित कर दिया। राजद प्रत्याशी की जीत के साथ नवल किशोर यादव का लगातार जीतने का सिलसिला समाप्त हो गया। इस नतीजे के बाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
कितनी संपत्ति के मालिक हैं डॉ. संजीव कुमार?
उपलब्ध चुनावी हलफनामे के विवरण के मुताबिक, डॉ. संजीव कुमार की चल और अचल संपत्ति का कुल मूल्य करीब 19.87 करोड़ रुपये बताया गया है। उनके ऊपर एक करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां भी दर्ज बताई गई हैं। हलफनामे के उपलब्ध विवरण में बैंक खातों में लगभग 84 लाख रुपये जमा होने का उल्लेख है। इसके अलावा कंपनियों के शेयर, बॉन्ड और डिबेंचर में एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश दर्ज बताया गया है।
बीमा, कार और आभूषणों में भी निवेश
डॉ. संजीव कुमार के चुनावी हलफनामे से जुड़े उपलब्ध विवरण के अनुसार, बीमा और एलआईसी पॉलिसियों में उनका निवेश करीब 49 लाख रुपये है। उनके पास दो से तीन कारें होने और उनकी कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, सोने, चांदी और हीरे के आभूषणों का मूल्य लगभग 45 लाख रुपये दर्ज बताया गया है। संपत्ति और देनदारियों के इन आंकड़ों की सटीक पुष्टि के लिए मूल चुनावी हलफनामे का मिलान जरूरी है।
डॉक्टर से राजनीति तक, अब शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत
डॉ. संजीव कुमार का सफर मेडिकल की पढ़ाई और पेशे से शुरू होकर विधानसभा चुनाव तक पहुंचा। वर्ष 2020 में परबत्ता से विधायक बनने के बाद अब उन्होंने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की है। इस चुनाव में उनकी जीत ने दो प्रमुख पहलुओं को सामने रखा है। एक ओर राजद को शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सफलता मिली, तो दूसरी ओर नवल किशोर यादव के लगातार पांच चुनाव जीतने का सिलसिला समाप्त हो गया।



