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नए वोटर के लिए बड़ी राहत! Form-6 से हटा SIR वाला कॉलम, अब नहीं देनी होगी ये पुरानी जानकारी

Form 6 SIR Update: भारतीय निर्वाचन आयोग ने उन राज्यों और क्षेत्रों में ऑनलाइन Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है, जहां Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब इन जगहों पर नया वोटर बनने वाले आवेदक को अलग से यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका […]

Election Commission Form 6 SIR update for new voter registration
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Form 6 SIR Update: भारतीय निर्वाचन आयोग ने उन राज्यों और क्षेत्रों में ऑनलाइन Form-6 से SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा हटा दी है, जहां Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

अब इन जगहों पर नया वोटर बनने वाले आवेदक को अलग से यह बताने की जरूरत नहीं होगी कि उसका या उसके माता-पिता और दादा-दादी का नाम पिछली SIR मतदाता सूची में था या नहीं। शुरुआत में Form-6 में 2003 की वोटर लिस्ट से जुड़े विवरण के लिए अलग हिस्सा जोड़ा गया था।

अब नए वोटर के लिए क्या बदला?

SIR के दौरान पुरानी मतदाता सूची के आधार पर नए और मौजूदा मतदाताओं की जानकारी का मिलान किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत Form-6 में अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई थी। इस घोषणा में आवेदक से पूछा जाता था कि उसका या उसके परिवार के सदस्यों का नाम 2003 की मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं। अगर नाम दर्ज था तो उससे जुड़ा EPIC नंबर, जिला और विधानसभा क्षेत्र जैसी जानकारी भी देनी होती थी। जिन राज्यों और क्षेत्रों में SIR का काम पूरा हो चुका है, वहां आयोग के पास यह जानकारी पहले ही जुटाई जा चुकी है। ऐसे में Form-6 में इस अतिरिक्त जानकारी की जरूरत नहीं रह गई। इसी वजह से इसे ऑनलाइन फॉर्म से हटा दिया गया है।

Form-6 में क्यों जोड़ी गई थी यह जानकारी?

SIR के दौरान मतदाता सूची को पुरानी सूची से मिलाने की प्रक्रिया की जाती है। इसका उद्देश्य मतदाताओं से जुड़ी जानकारी का सत्यापन करना और रिकॉर्ड को अपडेट करना है। इसी प्रक्रिया में नए मतदाता के परिवार से जुड़ी पुरानी मतदाता सूची की जानकारी लेने के लिए Form-6 में अतिरिक्त घोषणा का प्रावधान किया गया था। अब जिन जगहों पर SIR पूरी हो चुकी है, वहां संबंधित डेटा पहले ही एकत्र किया जा चुका है। इसलिए नए मतदाता को वही जानकारी दोबारा देने की जरूरत नहीं होगी।

चुनाव आयोग के भीतर भी उठी थी आपत्ति

इस बदलाव को लेकर निर्वाचन आयोग के भीतर भी मतभेद की बात सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जोड़े जाने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार दोनों चुनाव आयुक्तों का तर्क था कि Form-6 एक वैधानिक फॉर्म है। इसे नियमों के तहत निर्धारित किया जाता है। ऐसे में इसमें कोई नया हिस्सा जोड़ने के लिए विधिवत नियम संशोधन की जरूरत हो सकती है। यही वजह है कि Form-6 में SIR से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को लेकर कानूनी प्रक्रिया और नियमों के पालन पर भी चर्चा हुई।

सभी राज्यों में अभी लागू नहीं होगा बदलाव

Form-6 से SIR वाली अतिरिक्त घोषणा हटाने का फैसला हर जगह एक साथ लागू नहीं होगा। जिन राज्यों और क्षेत्रों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां ऑनलाइन Form-6 में यह अतिरिक्त घोषणा नहीं दिखाई देगी। नए मतदाताओं को पुरानी SIR मतदाता सूची से जुड़ी यह जानकारी अलग से नहीं देनी होगी। वहीं, जिन राज्यों या क्षेत्रों में SIR की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां Form-6 में यह घोषणा अभी दिखाई देती रहेगी। यानी फॉर्म में बदलाव का सीधा संबंध SIR की स्थिति से है।

नए वोटर के लिए इसका क्या मतलब है?

इस बदलाव का सीधा असर नए मतदाता के पंजीकरण पर पड़ेगा। SIR पूरी हो चुके राज्यों में Form-6 भरते समय आवेदक को अपने या परिवार के सदस्यों के पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। इससे फॉर्म में मांगी जाने वाली जानकारी कम होगी और आवेदन की प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हो सकती है। हालांकि, जिन राज्यों में SIR अभी जारी है, वहां नए मतदाताओं को Form-6 में दिखाई देने वाली अतिरिक्त घोषणा के अनुसार जानकारी देनी होगी।

नियमों को लेकर चर्चा भी तेज

Form-6 में अतिरिक्त घोषणा जोड़ने और फिर उसे हटाने के फैसले ने वैधानिक फॉर्म में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा शुरू कर दी है। एक तरफ SIR पूरी होने के बाद अतिरिक्त जानकारी हटाने से नए मतदाताओं के लिए प्रक्रिया सरल होती है। दूसरी तरफ आयोग के भीतर उठी आपत्ति ने यह सवाल सामने रखा है कि वैधानिक फॉर्म में नई जानकारी जोड़ने के लिए किस तरह की औपचारिक प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। इस पूरे बदलाव का असर फिलहाल उन्हीं राज्यों और क्षेत्रों में दिखेगा, जहां SIR का काम पूरा हो चुका है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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