पंचतत्व में विलीन हुए मुलायम, नेता जी को अंतिम विदाई देने उमड़ा जनसैलाब

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव पंचतत्व में विलीन हो गए हैं। इटावा के सैफई के मेला ग्राउंड में उनका अंतिम संस्कार हुआ। मुलायम के बेटे और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। बता दें सोमवार सुबह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में उनका निधन हो गया था। वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे। यूपी में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में जनसैलाब उमड़ा। भीड़ इतनी थी कि लोगों को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन के पसीने छूट गए। सपा के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार को गुरुग्राम के निजी मेदांता अस्पताल में 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया था।

अपने समर्थकों के बीच हमेशा ‘‘नेता जी’’ के नाम से मशहूर मुलायम सिंह यादव बीमार होने के बावजूद कभी सियासत में सक्रीय रहे। उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई गांव में एक किसान परिवार में 22 नवंबर 1939 को जन्मे मुलायम सिंह यादव वह 10 बार विधायक रहे और सात बार सांसद भी चुने गए। वह तीन बार (वर्ष 1989-91,1993-95 और 2003-2007) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और 1996 से 98 तक देश के रक्षा मंत्री भी रहे। एक समय उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के तौर पर भी देखा गया था।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।