टीआरपी डेस्क। कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के मैसूर डिवीजन ने पुरुषों के लिए आरक्षित सीटों पर महिलाओं के बैठने को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। बढ़ती महिला यात्रियों की संख्या और शक्ति योजना के तहत मुफ्त सफर के कारण पुरुष यात्रियों को सीट न मिलने की शिकायतें बढ़ गई थीं।

क्या है मामला?

अक्सर बसों और मेट्रो में महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें उनके लिए छोड़ी जाती हैं, लेकिन पुरुषों की सीटों पर भी महिलाएं बैठ जाती हैं, जिससे पुरुष यात्रियों को सीट नहीं मिलती। शक्ति योजना के तहत महिलाओं की संख्या बसों में बढ़ने के कारण यह समस्या और गंभीर हो गई।

नए आदेश में क्या कहा गया?

मैसूर डिवीजनल कंट्रोलर ने सभी ड्राइवरों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि पुरुष यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें केवल पुरुषों को ही मिलें। शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि ड्राइविंग स्टाफ सुनिश्चित करेगा कि पुरुषों के लिए निर्धारित सीटों पर पुरुष यात्री ही बैठें।

See also  NEET PAPER LEAK SCAM : एक्शन में CBI..! गुजरात में 7 ठिकानों पर की छापेमारी, झारखंड में प्रिंसिपल और पत्रकार गिरफ्तार

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।