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Rahul Gandhi UPI tax statement: राहुल गांधी बोले- ‘यूपीआई टैक्स’ वापस लीजिए, इंदिरा गांधी का जिक्र कर ट्रंप से क्यों जोड़ा मामला?

Congress leader Rahul Gandhi addressing media and speaking on UPI transaction charges and policy
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

UPI tax statement: देश में यूपीआई (UPI) के जरिए होने वाले भुगतानों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सरकार द्वारा 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी भुगतान पर 15 अक्तूबर से 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने के फैसले के बाद कांग्रेस पार्टी और केंद्र आमने-सामने आ गए हैं।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है। उन्होंने इस पूरे मामले को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी दबाव से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

2000 रुपये से अधिक के कारोबारी भुगतान पर शुल्क

सरकार के नए फैसले के अनुसार, 15 अक्तूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी (मर्चेंट) यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों के बीच यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति (P2P) के बीच होने वाले लेनदेन और छोटे भुगतान इस शुल्क के दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे।

राहुल गांधी ने की ‘यूपीआई टैक्स’ वापस लेने की मांग

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से मांग की है कि सरकार को तुरंत यह ‘यूपीआई टैक्स’ वापस लेना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह के शुल्कों से देश के आम नागरिकों और कारोबारियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा।

इंदिरा गांधी के बयान का किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी के रुख की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का एक पुराना संस्मरण साझा किया। उन्होंने बताया कि जब इंदिरा गांधी से पूछा जाता था कि वह बाएं झुकती हैं या दाएं, तो उनका जवाब होता था कि वह न बाएं झुकती हैं और न दाएं, बल्कि सीधी खड़ी रहती हैं। राहुल ने आरोप लगाया कि इसके विपरीत, वर्तमान प्रधानमंत्री ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने पूरी तरह झुकने का फैसला कर लिया है।

अमेरिका और ट्रंप तुष्टीकरण के आरोप

कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकते हुए यूपीआई पर अब तक लागू शून्य एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को खत्म कर दिया है। राहुल गांधी का दावा है कि इस नीति के तहत अमेरिका को बड़ी रकम दी जा रही है और सरकार हर भारतीय पर अप्रत्यक्ष रूप से टैक्स का बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए ‘NOTA’ का नया अर्थ ‘नरेंद्र का लगातार ट्रंप तुष्टीकरण’ भी बताया है।

डिजिटल भुगतान और राजनीतिक घमासान

भारत में डिजिटल भुगतान का माध्यम बन चुके यूपीआई पर शुल्क लगाने के इस कदम को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है। हालांकि सरकार का पक्ष साफ है कि आम जनता के रोजमर्रा के छोटे और सामान्य लेन-देन पूरी तरह सुरक्षित और मुफ्त रहेंगे, लेकिन कारोबारी भुगतानों पर लगने वाले इस नए शुल्क को लेकर राजनीतिक गलियारों में विरोध प्रदर्शन और बयानबाजी तेज हो गई है।

  • सरकार ने 15 अक्तूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कारोबारी यूपीआई भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने का फैसला किया है।
  • आम लोगों के बीच होने वाले आपसी लेन-देन और छोटे भुगतान इस शुल्क के दायरे से पूरी तरह बाहर रखे गए हैं।
  • राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुक रहे हैं और यूपीआई पर शुल्क लगाकर अमेरिका को बड़ी रकम दे रहे हैं।
  • राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के उस पुराने बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि वह न बाएं झुकती हैं और न दाएं, बल्कि सीधी खड़ी रहती हैं।
  • कांग्रेस ने ‘NOTA’ का नया अर्थ ‘नरेंद्र का लगातार ट्रंप तुष्टीकरण’ बताया है।
Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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