Patan election petition Chhattisgarh: पाटन विधानसभा चुनाव विवाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें सांसद विजय बघेल की चुनाव याचिका को शुरुआती स्तर पर ही निरस्त करने की मांग की गई थी।
भूपेश बघेल की ओर से दलील दी गई थी कि चुनाव याचिका निर्धारित 45 दिन की समय-सीमा के बाद दाखिल हुई है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब विजय बघेल की चुनाव याचिका पर साक्ष्य और गवाही की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगली सुनवाई में विजय बघेल को 5 अक्टूबर को कोर्ट में उपस्थित होकर गवाही देने के निर्देश दिए गए हैं।
45 दिन की समय-सीमा को लेकर उठाई थी आपत्ति
मामला पाटन विधानसभा चुनाव से जुड़ा है। भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ चुके विजय बघेल ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। इसके खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन लगाया गया था।
भूपेश बघेल की ओर से दलील दी गई कि चुनाव परिणाम को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका निर्धारित 45 दिन के भीतर दाखिल किया जाना जरूरी है। उनका तर्क था कि विजय बघेल की याचिका तय समय-सीमा के बाद दाखिल हुई, इसलिए इसे समय-बाधित मानते हुए शुरुआती स्तर पर ही खारिज किया जाना चाहिए था।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला
हाईकोर्ट में आवेदन पर दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी दलीलें रखीं। विजय बघेल की ओर से भी आवेदन के खिलाफ जवाब पेश किया गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद 17 सितंबर को भूपेश बघेल के आवेदन को खारिज कर दिया। इस फैसले के साथ विजय बघेल की चुनाव याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है।
10 सितंबर को कोर्ट पहुंचे थे विजय बघेल
इस मामले में पहले 10 सितंबर को विजय बघेल और उनके गवाह सौरभ दुबे अपने साक्ष्य दर्ज कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंचे थे। हालांकि, उसी दौरान भूपेश बघेल की ओर से आदेश 7 नियम 11 के तहत आवेदन पेश किए जाने के कारण गवाही की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब आवेदन खारिज होने के बाद गवाही की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। हाईकोर्ट ने इसके लिए 5 अक्टूबर की तारीख तय की है।
गवाही के बाद होगी जिरह
5 अक्टूबर को विजय बघेल कोर्ट में उपस्थित होकर अपने साक्ष्य दर्ज कराएंगे। इसके बाद मामले में आगे जिरह और अन्य साक्ष्य की प्रक्रिया होगी। यानी हाईकोर्ट का ताजा आदेश फिलहाल चुनाव याचिका की वैधता पर अंतिम फैसला नहीं है। कोर्ट ने केवल भूपेश बघेल की ओर से याचिका को शुरुआती स्तर पर खारिज करने की मांग वाले आवेदन को अस्वीकार किया है। अब चुनाव याचिका में लगाए गए दावों और आरोपों पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी।
अब 5 अक्टूबर पर टिकी नजर
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद पाटन चुनाव विवाद में अगला महत्वपूर्ण पड़ाव 5 अक्टूबर होगा। इस दिन विजय बघेल की गवाही दर्ज होने के बाद मामले की सुनवाई साक्ष्य और जिरह के चरण में आगे बढ़ेगी।



