बुधवार, 4 नवंबर 2026 बुध, 4 नवं |
संस्करण:
राष्ट्रीय

जजों-वकीलों के खिलाफ गुमनाम शिकायतें भेजने वाला कौन? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CBI जांच करा देंगे

जजों-वकीलों के खिलाफ गुमनाम शिकायतें भेजने वाला कौन? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CBI जांच करा देंगे
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
TRP अलर्ट्स

ताज़ा समाचार तुरंत पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें

Supreme Court on Anonymous Complaints: सुप्रीम कोर्ट ने जजों, एमिकस क्यूरी और वकीलों के खिलाफ लगातार मिल रही गुमनाम शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने कहा कि अगर इन शिकायतों के पीछे किसी बिल्डर या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

जरूरत पड़ने पर CBI जांच और FIR दर्ज करने का निर्देश भी दिया जा सकता है। सुनवाई रियल एस्टेट कंपनियों और बिल्डरों से जुड़ी होम लोन सबवेंशन स्कीम के मामलों में हुई। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक इस बेंच में CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना शामिल हैं।

कोर्ट ने पूछा, क्या शिकायतों से दबाव बनाने की कोशिश?

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने जानना चाहा कि संबंधित मामलों में बिल्डरों की ओर से कौन-कौन से वकील पेश हो रहे हैं। गुमनाम शिकायतों को लेकर कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि क्या बिल्डरों को लगता है कि इस तरह की शिकायतों के जरिए अदालत पर दबाव बनाया जा सकता है। बेंच ने कहा कि वह शिकायतों के पीछे जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की कोशिश करेगी। अगर जरूरत महसूस हुई तो CBI को FIR दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया जा सकता है।

अगली सुनवाई में शिकायतों का नया सेट

CJI सूर्यकांत ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा कि अगली सुनवाई में शिकायतों का एक और सेट उन्हें दिया जाएगा। कोर्ट इन शिकायतों की जांच कर यह पता लगाना चाहता है कि इन्हें लिखने या भेजने के लिए कौन जिम्मेदार है। बेंच ने प्रथमदृष्टया कहा कि शिकायतों में कुछ बिल्डरों की भूमिका हो सकती है। साथ ही, उन वकीलों की भूमिका की भी जांच की जरूरत हो सकती है, जिन्होंने बिल्डरों को इस तरह की शिकायतें करने की सलाह दी हो।

क्या है होम लोन सबवेंशन स्कीम?

सुप्रीम कोर्ट के सामने रियल एस्टेट कंपनियों और बिल्डरों से जुड़ी होम लोन सबवेंशन स्कीम का मामला भी चल रहा है। ऐसी योजनाओं में घर खरीदारों को यह बताया जाता था कि निर्माण पूरा होने या घर का कब्जा मिलने तक उनके होम लोन की EMI या प्री-EMI बिल्डर चुकाएगा। घर खरीदारों ने आरोप लगाया था कि कुछ मामलों में बैंक से रकम जारी होने के बावजूद प्रोजेक्ट समय पर पूरे नहीं हुए। इसके चलते खरीदारों को लंबे समय तक घर का कब्जा नहीं मिला, जबकि बैंक लोन की किस्तों का दायित्व बना रहा। अप्रैल 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में CBI को सात Preliminary Enquiries दर्ज कर कथित बिल्डर-बैंक गठजोड़, उसके तरीके और संभावित आपराधिकता की जांच करने का निर्देश दिया था।

CBI जांच में बैंक अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई

बाद की सुनवाई में CBI की जांच की प्रगति भी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई। अगस्त 2026 की रिपोर्टिंग के मुताबिक, कोर्ट ने सात राज्यों को CBI जांच के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी उपलब्ध कराने और कुछ वित्तीय संस्थानों को अभियोजन स्वीकृति से जुड़े अनुरोधों पर तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। जांच में कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका सामने आने की बात भी रखी गई। ऐसे मामलों में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई और अभियोजन स्वीकृति से जुड़े कदमों का भी मुद्दा सामने आया।

अब गुमनाम शिकायतों की भी जांच होगी

सबवेंशन स्कीम की जांच के बीच जजों, एमिकस क्यूरी और वकीलों के खिलाफ लगातार मिल रही गुमनाम शिकायतों का मुद्दा भी सुप्रीम कोर्ट के सामने आया है। अब कोर्ट इन शिकायतों के स्रोत और उन्हें भेजने वालों की भूमिका की जांच करना चाहता है। अगर जांच में किसी बिल्डर या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो अदालत उसके खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर सकती है। शिकायतों की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है, यह आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

The Rural Press सम्पादकीय दल सभी खबरें देखें →
विज्ञापन