Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एसआईटी दो दिन के भीतर आरोपपत्र दाखिल करेगी।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज से चोरी की 105 घटनाओं की पहचान हुई है। इससे पहले 23 जून की प्रारंभिक रिपोर्ट में 70 घटनाओं का जिक्र था। अब चार्जशीट में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इन घटनाओं में कितनी रकम चोरी हुई, किसकी क्या भूमिका रही और कितना पैसा बरामद हुआ।
105 घटनाओं के बाद अब सामने आएगा पूरा हिसाब
एसआईटी की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर चढ़ावा चोरी से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान की गई है। जांच में केवल कैमरों की रिकॉर्डिंग ही नहीं, बल्कि आरोपियों के बयान और दूसरे साक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। केस डायरी में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, बरामद नकदी और अन्य सामग्री को साक्ष्य के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी अदालत के सामने रखी गई।
25 सितंबर से पहले चार्जशीट क्यों जरूरी?
इस मामले में 25 सितंबर की तारीख खास है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं। यदि इससे पहले आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया तो आरोपियों को डिफॉल्ट जमानत मिलने का आधार बन सकता है। इसी वजह से एसआईटी की ओर से दो दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की बात अदालत को बताई गई है।
चार्जशीट में किन सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद?
105 घटनाओं की पहचान के बाद अब जांच की सबसे अहम जानकारी आरोपपत्र में सामने आने की उम्मीद है। इसमें मुख्य रूप से यह स्पष्ट हो सकता है कि कितनी रकम चोरी हुई, प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या रही और कितनी रकम या सामग्री बरामद हुई। जांच में मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम की गिनती और उसे जमा करने की प्रक्रिया को भी देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में मिलने वाले कीमती सामान की रसीद सॉफ्टवेयर के जरिये तैयार की जाती है और बाद में उसे एसबीआई के लॉकर में रखा जाता है।
अब तक आठ आरोपी गिरफ्तार
मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव शामिल हैं। इनमें चढ़ावे की गिनती से जुड़े कर्मचारी भी हैं। आरोपियों से 79.85 लाख रुपये बरामद किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट की कॉपी देने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने एसआईटी की स्थिति रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की। पीठ ने कहा कि वह मामले को सत्र न्यायाधीश के हाथों से नहीं निकालना चाहती। जरूरत पड़ने पर आगे जांच के संबंध में आदेश दिए जा सकते हैं। पीठ ने एसआईटी की रिपोर्ट में दी गई जानकारी को रिकॉर्ड पर लिया और संबंधित मजिस्ट्रेट को आरोपपत्र पर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अब अगला बड़ा पड़ाव चार्जशीट
फिलहाल जांच से जुड़ी सबसे अहम तस्वीर चार्जशीट दाखिल होने के बाद साफ होगी। 105 घटनाओं की पहचान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आरोपपत्र में चोरी की कुल रकम, आरोपियों की कथित भूमिका, बरामदगी और जांच में जुटाए गए साक्ष्यों का कितना विस्तृत ब्योरा सामने आता है। सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने दो दिन में चार्जशीट दाखिल करने की जानकारी दी है। ऐसे में 25 सितंबर की समयसीमा से पहले होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।



