खदान में काम कर रहा था मजदूर और अचानक लग गई 70 लाख रु की लॉटरी...
Image Source- Google

टीआरपी डेस्क। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में बुधवार को मजदूर और उसके साथियों को एक खदान में खुदाई करते समय 14.09 कैरेट का एक हीरा मिला। इसकी कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है।

जानकारी मिली है कि खदान मजदूरों ने पट्टे पर लिया था। पन्ना जिले के हीरा अधिकारी रवि पटेल ने बताया कि कृष्ण कल्याणपुर गांव के पास स्थित खदान में मजदूर रामप्यारे विश्वकर्मा और उसके साथियों को 14.09 कैरेट का हीरा मिला है। जो बहुत कीमती है, उन्होंने कहा कि इस हीरे की नीलामी मार्च में की जाएगी। वहीं विशेषज्ञों की माने तो नीलामी में यह हीरा करीब 70 लाख रुपये तक में बिक सकता है।

इससे पहले भी एक और मजदूर की चमकी थी किस्मत

पन्ना जिले के इटवा खास गांव के रहने वाले भगवान दास कुशवाह और उसके साथ काम करने वाले श्रमिकों को सोमवार को खदान में खुदाई के दौरान 7.94 कैरेट और 1.93 कैरेट के दो कीमती हीरे मिले थे। इन हीरों की नीलामी भी प्रशासन मार्च में कारएगी और राजस्व काटकर जो बाकि राशि होगी उसे कुशवाह और उसके साथी श्रमिकों को दे दी जाएगी।

See also  Bihar Elections 2025: एमपी के 25 IAS अधिकारी होंगे पर्यवेक्षक, 3 अक्टूबर को दिल्ली में बैठक

हीरे से मिले पैसे से सुधरेगा जीवन

कुशवाह काफी खुश है उसने बताया कि वो और उसके चार मजदूर साथी एक खदान में खुदाई कर रहे थे तभी उन्हें ये दो कीमती हीरे मिले। कुशवाह ने कहा कि हीरे की नीलामी के बाद मिलने वाली राशि से उसके परिवार की सारी परेशानियों का समाधान हो जाएगा और मिलने वाली राशि का एक भाग वो अपने बच्चों की पढ़ाई में लगाएगा।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे फेसबुक, ट्विटरटेलीग्राम और वॉट्सएप पर…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।