नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उन मतदाताओं को बड़ी राहत दी है, जिनका नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब हो गया है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों का नाम पहले से वोटर लिस्ट में था, वे दोबारा फॉर्म-6 (Form 6) भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा।
गलत घोषणा नहीं मानी जाएगी फॉर्म-6 भरना
आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को निर्देश भेजा है। इसके मुताबिक, ऐसे मतदाताओं द्वारा फॉर्म-6 भरना गलत घोषणा की श्रेणी में नहीं आएगा। इसके लिए जनप्रतिनिधि अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। हालांकि, शर्त यह है कि आवेदक का नाम किसी अन्य विधानसभा या लोकसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होना चाहिए।
कोर्ट के आदेश के बाद फैसला
यह अहम फैसला दिल्ली हाईकोर्ट के 14 अक्टूबर के आदेश और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद आया है। ‘निलोतपल दत्ता बनाम ECI’ मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल उठाया था कि पुराने मतदाताओं को नए सिरे से फॉर्म-6 भरने के लिए क्यों कहा जा रहा है। इसके बाद अदालत के निर्देश पर आयोग ने यह स्पष्टीकरण जारी किया है। साथ ही, चुनाव आयोग ने इस जानकारी को स्थानीय भाषाओं में व्यापक स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए हैं ताकि जनता को कोई असुविधा न हो।



