नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आगामी 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) एक विशाल महारैली करने जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस रैली को अब कॉकरोच जनता पार्टीका भी पूर्ण समर्थन मिल गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए INDIA ब्लॉक की इस महारैली का खुलकर समर्थन किया।
10 लाख लोगों के जुटने की उम्मीद, जंग जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस के नेतृत्व में आयोजित हो रही इस महारैली में देशभर से लगभग 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया जा रहा है। विपक्ष का साफ कहना है कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लगातार जारी रहेगी।
समर्थन का ऐलान करते हुए CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और ‘SIR’ प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। पार्टी द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि लोकतंत्र में जनता अपनी सरकार चुनती है, न कि सरकार अपने मतदाता तय करती है।
SIR प्रक्रिया के जरिए पात्र नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने की आशंका जताते हुए CJP ने संविधान निर्माता डॉ. बी.आर. आंबेडकर के समान मताधिकार के सिद्धांत का उल्लेख किया। पार्टी ने जोर देकर कहा कि चुनाव आयोग का प्राथमिक कर्तव्य स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराना है, न कि नागरिकों के मतदान के अधिकार को खतरे में डालना।
CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरी CJP
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में विपक्षी दलों के साथ-साथ CJP के कार्यकर्ताओं ने भी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी का कहना है कि वर्तमान चुनावी तंत्र में निष्पक्षता और विश्वसनीयता का अभाव दिखता है, जिसके खिलाफ 1 नवंबर को रामलीला मैदान से एक बड़ा संदेश दिया जाएगा।



