Rahul Gandhi Gyanesh Kumar Statement: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार, 10 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर तीखा बयान दिया। उन्होंने लिखा, ‘ज्ञानेश कुमार जाएंगे।
यह सरकार जाएगी। फिर शुरू होगी लोकतंत्र की मरम्मत। उनका यह बयान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष के जारी विरोध के बीच आया है।
राहुल गांधी ने X पर क्या लिखा?
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार, दोनों के जाने की बात कही। इसके बाद उन्होंने लोकतंत्र की मरम्मत शुरू होने का जिक्र किया। पोस्ट के साथ उन्होंने संसद के केंद्रीय कक्ष में INDIA गठबंधन के सांसदों को संबोधित करते हुए अपने भाषण का वीडियो भी साझा किया। उनके इस बयान को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के विरोध से जोड़कर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद तेज हुआ विरोध
इससे पहले शुक्रवार, 9 अक्टूबर को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत INDIA गठबंधन के नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में वोट चोरी हो रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाए। ये विपक्ष के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है।
SIR और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष की मांगें
INDIA गठबंधन के नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने से लोगों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने, SIR की प्रक्रिया रोकने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने जैसी मांगें उठाईं। ज्ञापन में पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों की समीक्षा की मांग भी शामिल थी।
संसद से विजय चौक तक निकाला था मार्च
राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक तक लोकतंत्र बचाओ मार्च निकाला था। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए। इससे पहले भी दिल्ली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR के विरोध में विपक्षी नेताओं के प्रदर्शन हुए हैं। आयोग ने अपनी प्रक्रियाओं का बचाव किया है, जबकि विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।
12 अक्टूबर को CJI को ज्ञापन देने की बात
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा था कि विपक्ष इस मुद्दे को आगे भी उठाएगा। उन्होंने 12 अक्टूबर को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ज्ञापन सौंपने की बात भी कही थी। राहुल गांधी के ताजा बयान से साफ है कि विपक्ष ने SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपना विरोध जारी रखने का संकेत दिया है। अब इस मुद्दे पर आगे होने वाली राजनीतिक और कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।



