ECI Allocates Symbols to TMC Factions: निर्वाचन आयोग (ECI) ने तृणमूल कांग्रेस के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए हैं। आयोग ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम के साथ ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ सिंबल दिया है।
वहीं, बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है। आयोग की यह व्यवस्था पश्चिम बंगाल की 70-रेजीनगर और 210-नंदीग्राम विधानसभा सीटों के साथ असम की 9-नगांव लोकसभा सीट के लिए लागू की गई है।
ममता गुट को मिला ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ सिंबल
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक, ममता बनर्जी द्वारा अधिकृत फॉर्म-बी के तहत नामांकन दाखिल करने वाले प्रत्याशियों को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ का उम्मीदवार माना जाएगा। इन उम्मीदवारों में रबीउल आलम चौधरी, नंदीग्राम सीट से संचिता प्रधान (डे) और असम की नगांव संसदीय सीट से अब्दुल सलाम शामिल हैं। इन सभी को ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 36 के वैधानिक नियमों के अधीन रहेगा।

बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल’ नाम और ‘लिफाफा’ निशान
दूसरी ओर, अरूप रॉय द्वारा अधिकृत फॉर्म-बी के आधार पर पर्चा भरने वाले प्रत्याशियों को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ का उम्मीदवार माना जाएगा। इस गुट के तहत सफिउज्जमान शेख और नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से एहतेशमुल हक के नामांकन को दर्ज किया गया है। आयोग ने इन्हें ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति होने पर ही यह व्यवस्था लागू मानी जाएगी।

रिटर्निंग अफसरों को कड़ाई से पालन के निर्देश
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की रेजीनगर व नंदीग्राम विधानसभा सीट और असम की नगांव लोकसभा सीट के रिटर्निंग अफसरों (ROs) को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। आयोग के सचिव अश्वनी कुमार मोहाल द्वारा जारी इस आदेश में कहा गया है कि स्क्रूटनी के दौरान नामांकन पत्रों की वैधता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 36 के तहत ही जांची जाएगी।
5 FAQs (प्रश्न और उत्तर):
प्रश्न: चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी गुट को कौन सा नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किया है?
उत्तर: चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न आवंटित किया है।
प्रश्न: बागी गुट को क्या नाम और चुनाव चिह्न मिला है?
उत्तर: बागी गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न मिला है।
प्रश्न: बागी गुट के प्रत्याशियों के लिए फॉर्म-बी किसने अधिकृत किया था?
उत्तर: बागी गुट के प्रत्याशियों के लिए फॉर्म-बी अरूप रॉय द्वारा अधिकृत किया गया था।
प्रश्न: यह आदेश किन-किन क्षेत्रों के रिटर्निंग अफसरों के लिए जारी किया गया है?
उत्तर: यह आदेश पश्चिम बंगाल की 70-रेजीनगर व 210-नंदीग्राम विधानसभा सीट और असम की 9-नगांव लोकसभा सीट के रिटर्निंग अफसरों के लिए जारी किया गया है।
प्रश्न: नामांकन पत्रों की जांच किस नियम के तहत की जाएगी?
उत्तर: चुनाव आयोग के आदेशानुसार स्क्रूटनी के दौरान नामांकन पत्रों की वैधता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 36 के तहत जांची जाएगी।



