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Gold Ring Scheme: सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को मिलेगी सोने की अंगूठी

Gold Ring Scheme: स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और नवजात शिशुओं के स्वागत के लिए एक बेहद आकर्षक योजना की शुरुआत की जा रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल से बहुप्रतीक्षित ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले […]

सरकारी अस्पताल में नवजात बच्चों को सोने की अंगूठी दी जाएगी।
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Gold Ring Scheme: स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने और नवजात शिशुओं के स्वागत के लिए एक बेहद आकर्षक योजना की शुरुआत की जा रही है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल से बहुप्रतीक्षित ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ योजना का शुभारंभ करेंगे।

इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजातों को 1 ग्राम की 22 कैरेट सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप दी जाएगी। मुख्यमंत्री खुद अस्पताल पहुंचकर शुरुआती बच्चों को अपने हाथों से यह अंगूठी प्रदान करेंगे।

योजना का लाभ उठाने के लिए क्या हैं जरूरी पात्रता शर्तें?

इस योजना का लाभ केवल उन नवजातों को मिलेगा जिनकी माताएं तमिलनाडु की स्थायी निवासी हैं। इसके अलावा लाभार्थी का प्रेग्नेंसी एंड इन्फैंट कोहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन (PICME) सिस्टम में पंजीकरण और रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (RCH) आईडी होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर सोने की अंगूठी पर एक अलग सीरियल नंबर हो और इसे पूरी तरह छेड़छाड़-मुक्त सुरक्षित पैकेजिंग में अस्पताल से छुट्टी के वक्त वितरित किया जाए ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

पहले चरण में 1.28 लाख अंगूठियां तैयार

राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सालाना 755.83 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट निर्धारित किया है। योजना के पहले चरण के तहत 1.28 लाख सोने की अंगूठियां तैयार कराई गई हैं, जिनकी आपूर्ति के लिए प्रसिद्ध जॉयलुक्कास और कल्याण ज्वेलर्स को जिम्मेदारी दी गई है। योजना के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक जिले में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में विशेष समितियों का गठन किया गया है। हालांकि, मदुरंथकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में होने वाले आगामी उपचुनावों के कारण फिलहाल इन क्षेत्रों को इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

अस्पताल और संग्रहालय के बाद मीनाक्षी मंदिर जाने की संभावना

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय अपने इस मदुरै दौरे के दौरान सरकारी राजाजी अस्पताल में कार्यक्रम के बाद लगभग 10.25 करोड़ रुपये की लागत से नव-नवीनीकृत गांधी मेमोरियल म्यूजियम का भी उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा उनके प्रसिद्ध मदुरै मीनाक्षी अम्मन मंदिर जाने की भी प्रबल संभावना जताई जा रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद मंदिर की यह उनकी पहली यात्रा होगी, जिसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में काफी चर्चा हो रही है।

मंदिर प्रवेश के नियमों पर चर्चा: क्या देनी होगी आस्था की घोषणा?

मंदिर अधिकारियों के अनुसार, मीनाक्षी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के नियम बेहद कड़े हैं और केवल हिंदुओं को ही इसकी अनुमति है। मद्रास हाईकोर्ट के पूर्व निर्देशों के आधार पर गैर-हिंदुओं को मंदिर में प्रवेश के लिए हिंदू धर्म में अपनी आस्था का लिखित घोषणा पत्र देना पड़ सकता है। चूंकि मुख्यमंत्री ईसाई समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए मंदिर यात्रा की स्थिति में उन्हें नियमों के तहत घोषणा पत्र भरना पड़ सकता है। हालांकि, प्रशासन की तरफ से अभी मंदिर यात्रा का कोई आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

मुख्य तथ्य

  • तमिलनाडु सरकार की ‘थाईमामन थंगा मोथिरम’ योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजात शिशुओं को 1 ग्राम की 22 कैरेट सोने की अंगूठी मुफ्त दी जाती है।
  • इस योजना का लाभ लेने के लिए नवजात की मां का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना, PICME सिस्टम में पंजीकरण और RCH आईडी होना अनिवार्य है।
  • इस योजना के लिए राज्य सरकार ने सालाना 755.83 करोड़ रुपये का बजट तय किया है और अंगूठियों की आपूर्ति का काम जॉयलुक्कास तथा कल्याण ज्वेलर्स को सौंपा गया है।
  • मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल से इस योजना की शुरुआत करेंगे।
  • मंदिर के नियमों के अनुसार गर्भगृह में प्रवेश केवल हिंदुओं के लिए है, इसलिए ईसाई समुदाय से आने वाले सीएम विजय को मंदिर जाने पर आस्था का घोषणा पत्र भरना पड़ सकता है।
Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

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